सेहत

ज्यादा नमक बन सकता है ‘साइलेंट किलर’! एक्सपर्ट बोले- जरूरत से ज्यादा सेवन बढ़ा सकता है हार्ट, किडनी और स्ट्रोक का खतरा

नई दिल्ली: खाने में नमक स्वाद बढ़ाता है, लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा शरीर के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन दुनिया भर में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं और समय से पहले मौत के बड़े कारणों में शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते खानपान की आदतों में बदलाव नहीं किया गया तो भविष्य में इससे जुड़ी बीमारियों का बोझ और बढ़ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार कई देशों ने नमक की खपत कम करने के लिए नीतियां बनाई हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर यह चुनौती अब भी बनी हुई है।

ज्यादा नमक से कौन-कौन सी बीमारियों का खतरा बढ़ता है?

नमक में मौजूद सोडियम शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है। लंबे समय तक ज्यादा सोडियम लेने से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

इसके अलावा विभिन्न अध्ययनों में मोटापा, पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां और हड्डियों की कमजोरी जैसी स्थितियों के साथ भी अधिक सोडियम सेवन को जोड़ा गया है।

शरीर को नमक की जरूरत आखिर क्यों होती है?

नमक में मौजूद सोडियम शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह पोषक तत्वों और ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में भूमिका निभाता है।

इसके साथ ही तंत्रिका तंत्र और रक्त संचार प्रणाली को सामान्य रूप से काम करने में भी इसकी जरूरत होती है। हालांकि आवश्यकता और अधिकता के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारतीय जरूरत से ज्यादा नमक क्यों खा रहे हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार घर का खाना हमेशा मुख्य कारण नहीं होता, बल्कि बाहर का प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड नमक की खपत बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

तैयार खाद्य पदार्थ, फ्रोजन आइटम, स्नैक्स और प्रोसेस्ड खाने में अक्सर सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। यही वजह है कि लोग अनजाने में जरूरत से कहीं अधिक नमक का सेवन कर लेते हैं।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि कम समय के लिए ज्यादा नमक खाने से प्यास ज्यादा लगना और धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

वहीं लंबे समय तक ज्यादा सोडियम का सेवन हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है, जो आगे चलकर हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और क्रॉनिक किडनी डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है।

डॉक्टरों का सुझाव है कि पैकेज्ड फूड खरीदते समय उसके लेबल पर सोडियम की मात्रा जरूर देखनी चाहिए।

क्या सेंधा नमक बेहतर विकल्प है?

हाल के वर्षों में सेंधा नमक के इस्तेमाल का चलन बढ़ा है। माना जाता है कि इसमें कुछ अतिरिक्त खनिज तत्व मौजूद होते हैं, लेकिन विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि इसमें भी सोडियम होता है।

रिसर्च के अनुसार सेंधा नमक में सोडियम की मात्रा सामान्य नमक से बहुत कम नहीं होती। इसलिए केवल नमक बदलने से नहीं, बल्कि कुल सेवन कम करने से ज्यादा फायदा मिल सकता है।

नमक कम करने के लिए क्या बदलें आदतें?

खाना बनाते समय सीमित मात्रा में नमक इस्तेमाल करें।

खाने के ऊपर अलग से नमक डालने की आदत छोड़ें।

पैकेज्ड और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ कम करें।

सलाद में नमक की जगह नींबू या अन्य स्वाद विकल्प अपनाएं।

खरीदारी करते समय खाद्य उत्पादों के पोषण लेबल जरूर पढ़ें।

 

vineet verma

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