नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा में कई ऐसे गीत बने हैं जो समय के साथ लोगों की यादों से धुंधले पड़ गए, लेकिन कुछ गाने ऐसे भी हैं जो दशकों बाद भी लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। ऐसा ही एक विदाई गीत 31 साल पहले आया था, जिसे सुनकर आज भी बेटी की विदाई के समय पिता की आंखें नम हो जाती हैं। इस गीत को अमर बनाने में लोकगायिका शारदा सिन्हा की आवाज की बड़ी भूमिका मानी जाती है।
शारदा सिन्हा को छठ पर्व के गीतों की पहचान माना जाता है, लेकिन उन्होंने सिर्फ लोकसंगीत तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने हिंदी फिल्मों को भी कई यादगार गीत दिए। इन्हीं में एक ऐसा गीत शामिल है, जो तीन दशक बाद भी शादी समारोहों और बेटियों की विदाई के समय भावनाओं का सबसे मजबूत प्रतीक बना हुआ है।
पिता और बेटी के रिश्ते की भावुक कहानी कहता है यह गीत
यह गीत एक पिता और बेटी के गहरे रिश्ते को बेहद संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करता है। गीत में बेटी अपने पिता से मिली सीख, संस्कार और प्यार को साथ लेकर नए घर जाने की बात करती है। वहीं दूसरी ओर, बेटी को विदा करने का दर्द हर शब्द और हर भाव में महसूस किया जा सकता है।
यही वजह है कि यह गीत वर्षों बाद भी लोगों के दिलों को उसी तरह छूता है, जैसे पहली बार सुनने पर छुआ था।
आज भी विदाई का सबसे लोकप्रिय गीत माना जाता है
यह मशहूर गीत ‘बाबुल जो तुमने सिखाया’ है, जो साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ का हिस्सा था। यह गाना समय के साथ सिर्फ एक फिल्मी गीत नहीं रहा, बल्कि भारतीय शादियों में विदाई की पहचान बन गया।
बेटी की विदाई के भावनात्मक पलों में यह गीत आज भी सबसे ज्यादा सुनाई देने वाले गीतों में शामिल है।
शारदा सिन्हा की आवाज ने गीत को बना दिया कालजयी
गीत के बोल रविंद्र रावल ने लिखे थे, जबकि इसका संगीत राम लक्ष्मण ने तैयार किया था। हालांकि इस गीत को घर-घर तक पहुंचाने और लोगों के दिलों में बसाने का सबसे बड़ा श्रेय शारदा सिन्हा की भावपूर्ण आवाज को दिया जाता है।
फिल्म में यह गीत पूजा की विदाई के दृश्य पर फिल्माया गया था। जब बड़े पर्दे पर यह दृश्य आया तो सिनेमाघरों में बैठे दर्शक भी भावुक हो गए थे। यही कारण है कि वर्षों बाद भी यह गीत कल्ट क्लासिक के रूप में याद किया जाता है।
90 के दशक की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल थी यह फिल्म
‘हम आपके हैं कौन’ अपने दौर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। पारिवारिक रिश्तों, भावनाओं और संगीत से भरपूर इस फिल्म ने दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी।
फिल्म के कई गीत सुपरहिट साबित हुए, लेकिन ‘बाबुल जो तुमने सिखाया’ ने एक अलग पहचान बनाई। यही वजह है कि 31 साल बाद भी यह गीत विदाई के सबसे भावुक और यादगार गीतों में शुमार है।