Trending News

एपस्टीन फाइल रिलीज़ के बाद कांग्रेस ने  सरकार को घेरा, पूछा- ‘इजराइल में नाचने-गाने’ के बाद मोदी जी ने एपस्टीन से क्या सलाह ली?’

नई दिल्ली: अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी जेफरी एपस्टीन फाइल्स के दूसरे बैच ने भारत की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। 30 जनवरी को सार्वजनिक किए गए इन दस्तावेजों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला शुरू कर दिया है। इस दूसरे बैच में करीब 3.5 मिलियन पेज, 2,000 से ज्यादा वीडियो और लगभग 1.8 लाख तस्वीरें शामिल हैं। जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिस पर ह्यूमन ट्रैफिकिंग और नाबालिगों के यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप थे। उसकी मौत 10 अगस्त 2019 को जेल में आत्महत्या के रूप में दर्ज की गई थी।

ईमेल के खुलासे से बढ़ी सियासी गर्मी

फाइल्स में 9 जुलाई 2017 की एक ईमेल का जिक्र है, जिसमें एपस्टीन ने कथित तौर पर लिखा कि “भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने सलाह ली और इजराइल में अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए डांस और सिंगिंग की।” इस ईमेल को मोदी की 4 जुलाई 2017 की इजराइल यात्रा और 25–26 जून 2017 की अमेरिका यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां उनकी मुलाकात तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई थी। इसी ईमेल के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा तेज हो गई।

कांग्रेस का हमला, सरकार का पलटवार

कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथोंहाथ लेते हुए मोदी सरकार पर सवालों की बौछार कर दी।

कांग्रेस का सवाल: ‘इजराइल में नाचने-गाने’ के बाद मोदी ने एपस्टीन से क्या सलाह ली? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि 2019 लोकसभा चुनावों के आसपास मोदी और एपस्टीन के बीच मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी, देश जानना चाहता है कि आपका जेफरी एपस्टीन से क्या रिश्ता था?” कांग्रेस ने यह भी मांग की कि एपस्टीन से ली गई कथित “एडवाइस”, इजराइल में “डांसिंग एंड सिंगिंग” और ईमेल में लिखे “आईटी वर्क्ड” का मतलब साफ किया जाए।

वहीं सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि जुलाई 2017 की आधिकारिक इजराइल यात्रा के अलावा ईमेल में किए गए बाकी सभी दावे एक सजायाफ्ता अपराधी की बेबुनियाद बातें हैं, जिन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। बीजेपी ने भी कांग्रेस पर मिसइनफॉर्मेशन फैलाने का आरोप लगाते हुए साफ किया कि दस्तावेजों में मोदी और एपस्टीन के बीच किसी भी तरह के सीधे या परोक्ष संपर्क का कोई सबूत नहीं है।

यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब मोदी सरकार पहले ही यूजीसी इक्विटी लॉ की वापसी और यूनियन बजट 2026-27 को लेकर दबाव में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष इस मुद्दे को आसानी से छोड़ने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग ले सकता है।

news desk

Recent Posts

इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 51 की मौत; 341 आफ्टरशॉक्स से दहशत

इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी…

11 hours ago

JPSC-JSSC Protest: भूख हड़ताल से देवेंद्र नाथ महतो की हालत बिगड़ी, डॉक्टर बोले- फ्लूइड बंद होते ही गिर रहा BP

रांची।झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार…

11 hours ago

वंदे मातरम विवाद पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, सोनिया गांधी से मांगी माफी

Vande Mataram Row: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान…

11 hours ago

LPG Supply: अब नहीं होगी रसोई गैस की किल्लत? सरकार ने बनाया बड़ा प्लान, 21 कंपनियों को मिला 63,810 टन का टारगेट

नई दिल्ली। देश में रसोई गैस यानी LPG की सप्लाई को अंतरराष्ट्रीय संकट से बचाने…

13 hours ago

BWF World Championships 2026: 17 साल बाद भारत में बैडमिंटन का महासंग्राम, जानें पूरा शेड्यूल और लाइव स्ट्रीमिंग

BWF World Championships 2026: बैडमिंटन की दुनिया का सबसे बड़ा टूर्नामेंट एक बार फिर भारत…

14 hours ago

Israel Election 2026: नेतन्याहू के सामने बड़ी चुनौती, गादी आइजेनकोट की पार्टी सर्वे में आगे; क्या बदल जाएगा सत्ता का समीकरण?

तेल अवीव। इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू…

14 hours ago