अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है। इन फाइलों के सामने आने के साथ ही कई प्रभावशाली और चर्चित नामों को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े फोटो और वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिसके चलते कुछ मामलों में लोगों को अपने पद तक छोड़ने पड़े हैं।
इन दस्तावेज़ों को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि दुनिया के कई रसूखदार लोग किसी न किसी रूप में जेफ्री एपस्टीन के संपर्क में थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर दलाई लामा को लेकर भी चर्चाएँ शुरू हुईं, जिसके बाद उनकी ओर से आधिकारिक सफ़ाई सामने आई है।
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित दलाई लामा के कार्यालय की ओर से जारी प्रेस बयान में स्पष्ट किया गया है कि परम पावन 14वें दलाई लामा का अमेरिकी यौन अपराधी और मानव तस्कर जेफ्री एपस्टीन से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है।
बयान में कहा गया है कि दलाई लामा न तो कभी जेफ्री एपस्टीन से मिले हैं और न ही उन्होंने अपनी ओर से किसी को उससे मिलने या बातचीत करने की अनुमति दी है। कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि एपस्टीन फाइलों को लेकर हालिया कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में दलाई लामा को गलत तरीके से एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह भ्रामक, निराधार और तथ्यहीन हैं।