अमेरिका में जेफरी एपस्टीन से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल अमेरिकी न्याय विभाग सार्वजनिक वेबसाइट से एपस्टीन केस से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज को लेकर बड़ी खबर आ रही है।
दरअसल चर्चा में आने के बाद अचानक से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हटाने की खबर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोग अब इस पर जमकर हंगामा कर रहे हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल है कि एपस्टीन केस से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अचानक क्यों हटाया गया है, इसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है और यह घटना महज एक तकनीकी गलती है या किसी बड़े सच को छिपाने की बड़ी साजिश है।
मीडिया रिपोट्स से पता चला है कि ये फाइलें एक दिन पहले ही वेबसाइट पर डाली गई थीं, लेकिन अगले ही दिन वहां से अचानक से हाटा ली गई है। सबसे अहम बात थी कि हटाए गए रिकॉर्ड्स में एक ऐसी तस्वीर भी थी, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी दिखाई पड़ रहे थे।
सार्वजनिक पोर्टल से हटाए गए दस्तावेजों में एपस्टीन की निजी संपत्ति से जुड़ी कई तस्वीरें और फाइलें शामिल थीं। इनमें उसके आवास में मौजूद कलाकृतियों, फर्नीचर और निजी दराज़ों की तस्वीरें बताई जा रही हैं। कुछ तस्वीरों को लेकर यह भी दावा किया गया कि उनकी प्रकृति आपत्तिजनक थी।
जारी दस्तावेजों में जेफरी एपस्टीन से जुड़े फोटो, ईमेल, जांच रिपोर्ट्स और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड शामिल हैं। इनमें कई नामी हस्तियों की तस्वीरें भी सामने आई हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की घिस्लेन मैक्सवेल के साथ स्विमिंग पूल और हॉट टब की तस्वीरें चर्चा में हैं।
इसके अलावा माइकल जैक्सन, क्रिस टकर, डायना रॉस, मिक जैगर और रिचर्ड ब्रैनसन जैसे बड़े नाम भी दस्तावेजों में दिखाई देते हैं। हालांकि न्याय विभाग ने साफ किया है कि किसी का नाम या फोटो सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उसने कोई अपराध किया हो, और कई मामलों में तस्वीरों का संदर्भ भी स्पष्ट नहीं है।
रेडैक्शन, गोपनीयता और बढ़ता विवाद
इन फाइलों में भारी रेडैक्शन किया गया है। करीब 1,200 से अधिक पीड़ितों या उनके परिजनों की पहचान छिपाने के लिए कई नाम और जानकारियां काली कर दी गई हैं।
कुछ दस्तावेज तो पूरी तरह ब्लैक आउट हैं, जिनमें न्यूयॉर्क ग्रैंड ज्यूरी की गवाही से जुड़े 119 पन्नों के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच का कहना है कि यह सब कानून के तहत और पीड़ितों की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
इसके बावजूद डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना और सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने इस रिलीज को अधूरा बताते हुए ट्रंप प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी रेडैक्शन पर आपत्ति जताई है।
ट्रंप प्रशासन की चुनौती और आगे क्या
यह मामला ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। कई रिपब्लिकन नेता और समर्थक लंबे समय से कथित “एपस्टीन क्लाइंट लिस्ट” की मांग कर रहे थे, लेकिन न्याय विभाग ने साफ कहा है कि ऐसी कोई अलग सूची मौजूद नहीं है।
दिलचस्प बात यह है कि नई फाइलों में राष्ट्रपति ट्रंप का नाम बहुत कम बार सामने आया है, जिससे व्हाइट हाउस को कुछ राहत मिली मानी जा रही है, हालांकि उनकी कुछ पुरानी तस्वीरें और ईमेल पहले से सार्वजनिक हैं।
न्याय विभाग का कहना है कि एपस्टीन से जुड़े कुल सैकड़ों हजारों दस्तावेज हैं और इन्हें रोलिंग बेसिस पर जारी किया जाएगा। ऐसे में साफ है कि यह विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले हफ्तों में एपस्टीन फाइल्स को लेकर अमेरिकी राजनीति में हलचल और तेज हो सकती है।
स्मार्टफोन मार्केट में Xiaomi एक बार फिर बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। कंपनी…
गोल्ड लोन सेक्टर की कंपनी मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड (Muthoot Fincorp Limited) शेयर बाजार में एंट्री…
Twisha Sharma की मौत का मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया…
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म जैसा ड्रामा देखने को मिला।…
46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का भव्य उद्घाटन कल से मुकाबलों की शुरुआत गोरखपुर । मेजबान…
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI ने अपनी प्रशासनिक और वित्तीय स्वतंत्रता की कानूनी लड़ाई में…