Entertainment

छात्र आंदोलन की गूंज बड़े पर्दे तक… अमिताभ बच्चन से इरफान खान तक, इन 7 फिल्मों ने सिस्टम पर उठाए बड़े सवाल

मुंबई: जब भी देश में छात्र आंदोलनों ने सुर्खियां बटोरी हैं, हिंदी सिनेमा ने भी इन मुद्दों को अपनी कहानियों का हिस्सा बनाया है। कई फिल्मों में छात्र राजनीति, शिक्षा व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और व्यवस्था की खामियों को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। इन फिल्मों ने सिर्फ मनोरंजन नहीं किया, बल्कि दर्शकों को सोचने और व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए भी प्रेरित किया।

रांझणा (2013)

फिल्म की शुरुआत एक प्रेम कहानी से होती है, लेकिन आगे चलकर यह छात्र राजनीति और आंदोलन की पृष्ठभूमि पर आधारित राजनीतिक ड्रामा बन जाती है। कहानी में कैंपस की राजनीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों की आवाज को प्रमुखता से दिखाया गया है। फिल्म में धनुष, सोनम कपूर, अभय देओल, स्वरा भास्कर और जीशान अय्यूब मुख्य भूमिकाओं में हैं।

आरक्षण (2011)

प्रकाश झा के निर्देशन में बनी यह फिल्म शिक्षा व्यवस्था, जाति आधारित आरक्षण और शिक्षा के व्यवसायीकरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आधारित है। फिल्म में अमिताभ बच्चन, सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और मनोज बाजपेयी ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं।

हजारों ख्वाहिशें ऐसी (2003)

1970 के दशक की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म तीन युवाओं के सपनों, प्रेम और राजनीतिक विचारधारा के संघर्ष को दिखाती है। इसमें उस दौर की छात्र राजनीति और सामाजिक बदलाव को प्रभावशाली तरीके से पेश किया गया है। फिल्म में केके मेनन, चित्रांगदा सिंह और शाइनी आहूजा मुख्य भूमिकाओं में नजर आए।

युवा (2004)

मणिरत्नम के निर्देशन में बनी इस फिल्म में छात्र राजनीति, भ्रष्टाचार और युवाओं की ताकत को केंद्र में रखा गया है। फिल्म की कहानी तीन युवाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी एक घटना के बाद बदल जाती है। इसमें अभिषेक बच्चन, अजय देवगन, विवेक ओबेरॉय, रानी मुखर्जी और करीना कपूर ने अभिनय किया है।

रंग दे बसंती (2006)

यह फिल्म कुछ कॉलेज छात्रों की कहानी है, जो स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरित होकर व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाते हैं। युवाओं की सोच, जिम्मेदारी और बदलाव की ताकत को दिखाने वाली यह फिल्म आज भी सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है। इसमें आमिर खान, सिद्धार्थ, आर. माधवन, कुणाल कपूर, शरमन जोशी और सोहा अली खान प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

गुलाल (2009)

राजस्थान के कॉलेज कैंपस की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में छात्र राजनीति, सत्ता संघर्ष, जातिवाद और राजनीतिक महत्वाकांक्षा जैसे विषयों को दिखाया गया है। यह फिल्म युवाओं और राजनीति के जटिल रिश्तों को गहराई से पेश करती है।

हासिल (2003)

तिग्मांशु धूलिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति और सत्ता की लड़ाई पर आधारित है। फिल्म में छात्र राजनीति के साथ अपराध और हिंसा के बढ़ते प्रभाव को दिखाया गया है। इसमें इरफान खान, जिमी शेरगिल और आशुतोष राणा ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं।

 

vineet verma

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