नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है। कंपनी ने कुल 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की घोषणा की है। इनमें से 1,600 कर्मचारियों को सोमवार को ही कार्यमुक्त कर दिया गया, जबकि बाकी 3,200 कर्मचारियों की छंटनी अगले एक वर्ष के भीतर की जाएगी। सबसे अधिक असर कंपनी के गेमिंग कारोबार, खासकर एक्सबॉक्स डिवीजन पर पड़ने वाला है।
दिलचस्प बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट की बाजार में मजबूत स्थिति और भारी कमाई के बावजूद यह फैसला लिया गया है। कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में उसका राजस्व 82.9 अरब डॉलर रहा। भारतीय मुद्रा में यह करीब 7.92 लाख करोड़ रुपये बैठता है। इसी आधार पर कंपनी हर दिन लगभग 8,800 करोड़ रुपये और हर घंटे करीब 367 करोड़ रुपये की कमाई कर रही है।
कंपनी के अनुसार, कुल 4,800 छंटनियों में से 3,200 कर्मचारी एक्सबॉक्स डिवीजन से होंगे। इनमें 1,600 कर्मचारियों को पहले ही नौकरी से हटाया जा चुका है। माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले कुछ वर्षों में गेमिंग कारोबार को मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश किया, लेकिन इसके बावजूद वह इस क्षेत्र में अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों से अपेक्षित बढ़त हासिल नहीं कर सका।
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ पीपुल ऑफिसर एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके साथ तकनीक विकसित करने, लागू करने तथा इस्तेमाल करने का तरीका भी बदल चुका है। इसी बदलाव के अनुरूप कंपनी अपनी कार्यप्रणाली और कारोबारी प्राथमिकताओं में परिवर्तन कर रही है।
कंपनी ने 2018 से कई वीडियो गेम स्टूडियो खरीदे थे, ताकि गेमिंग बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की जा सके। हालांकि अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद अब माइक्रोसॉफ्ट अपने गेमिंग कारोबार को नए सिरे से व्यवस्थित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
एक्सबॉक्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशा शर्मा ने कहा कि अब कंपनी केवल बड़े गेम प्रकाशकों से ही नहीं, बल्कि छोटे स्वतंत्र स्टूडियो से भी प्रतिस्पर्धा कर रही है। हर सफल स्टूडियो का अधिग्रहण करना संभव नहीं है, इसलिए अब कारोबार को अधिक स्पष्ट रणनीति और निवेश के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
पिछले कुछ वर्षों से माइक्रोसॉफ्ट लगातार कर्मचारियों की संख्या घटाते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों पर निवेश बढ़ा रही है। कंपनी ने 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर परियोजनाओं पर 190 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है।
एमी कोलमैन ने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता नौकरियों की जगह नहीं ले रही, लेकिन काम करने के तरीकों में बड़ा बदलाव जरूर ला रही है। इसी कारण कंपनी अपनी कार्य संरचना में बदलाव कर रही है।
माइक्रोसॉफ्ट केवल कर्मचारियों की छंटनी ही नहीं कर रही, बल्कि अपने चार गेमिंग स्टूडियो की संरचना भी बदल रही है। कंपल्शन गेम्स और डबल फाइन प्रोडक्शंस को स्वतंत्र स्टूडियो बनाया जाएगा, जबकि निंजा थ्योरी और अनडेड लैब्स नए प्रबंधन के तहत काम करेंगे।
लगातार छंटनियों के बावजूद माइक्रोसॉफ्ट की आय में वृद्धि जारी है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का राजस्व 18 प्रतिशत बढ़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी घाटे वाले कारोबार में खर्च कम करके कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य की तकनीकों में अधिक निवेश करना चाहती है, ताकि आने वाले वर्षों में विकास की गति और तेज हो सके।
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