गोरखपुर: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत और सात लोगों के झुलसने के बाद परिजनों ने बिजली विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हादसा बुधवार शाम करीब पांच बजे गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद के चौहान टोला के पास हुआ। प्रतिमा को ट्रैक्टर-ट्रॉली से विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रॉली पर लगी लंबी लोहे की रॉड ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से छू गई। इसके बाद ट्रॉली पर सवार लोग करंट की चपेट में आ गए। अब परिजन सवाल कर रहे हैं कि जब विसर्जन को देखते हुए बिजली आपूर्ति बंद किए जाने का दावा था, तो हादसे के वक्त करंट कैसे दौड़ा?
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान लकी (17), विक्की (18) और चंदन (21) के रूप में हुई है। लकी और विक्की सगे भाई थे, जबकि चंदन उनका मौसेरा भाई था। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें पहुंचीं और घायलों को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि सात घायलों का उपचार जारी है। हादसे की खबर से परिवारों में मातम पसरा है।
मृतकों और घायलों के परिजनों का आरोप है कि रजही चौराहे के पास 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार नीचे की ओर लटक रहा था। उनके मुताबिक, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से सुबह बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। लेकिन परिजनों का दावा है कि शाम करीब साढ़े चार बजे बिजली दोबारा चालू कर दी गई।
परिजनों का कहना है कि विसर्जन में शामिल लोगों को बिजली आपूर्ति बहाल होने की जानकारी नहीं थी। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगी लंबी लोहे की रॉड हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई और कई लोग करंट की चपेट में आ गए। हालांकि, बिजली आपूर्ति कब बहाल हुई और हादसे के वक्त तार में करंट कैसे पहुंचा, इन सवालों की आधिकारिक पुष्टि खबर में नहीं दी गई है।
हादसे से नाराज मृतकों और घायलों के परिजन बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार के पास सड़क पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने से करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। परिजन हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। अधिकारियों ने वहां की स्थिति का जायजा लिया। हादसे के बाद इलाके में गम और आक्रोश का माहौल है।
प्रतिमा विसर्जन जैसे आयोजनों के दौरान हाईटेंशन तारों की मौजूदगी और बिजली आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर परिजनों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका मुख्य सवाल यही है कि यदि सुरक्षा के लिए बिजली काटी गई थी, तो फिर ट्रॉली पर सवार लोग करंट की चपेट में कैसे आए। बिजली आपूर्ति बहाल किए जाने के समय और हादसे की परिस्थितियों की जांच से ही इन सवालों का जवाब सामने आ सकेगा।
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