क्या आपने कभी सोचा है कि रिटायरमेंट के बाद जब आपकी हर महीने आने वाली सैलरी अचानक रुक जाएगी, तब दवाइयों के बिल, राशन और घर के बाकी खर्चों का इंतजाम कैसे होगा? अधिकतर लोग रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले एकमुश्त फंड (Lump-sum Amount) को सुरक्षित रखने और उस पर नियमित आय पाने को लेकर चिंतित रहते हैं। अगर आप भी किसी ऐसे सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं जहाँ जोखिम शून्य हो और रिटर्न किसी भी बैंक FD से बेहतर, तो सरकार की एक खास योजना आपके लिए सबसे बेहतरीन जरिया बन सकती है। हम बात कर रहे हैं केंद्र सरकार की ‘सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम’ (SCSS) की, जो वरिष्ठ नागरिकों को हर 3 महीने में एक तय और शानदार इनकम की गारंटी देती है।
क्या है SCSS योजना और कितनी मिल रही है ब्याज दर?
सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) मुख्य रूप से बुजुर्गों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
- ब्याज दर: फिलहाल सरकार इस योजना पर 8.2% की सालाना ब्याज दर दे रही है।
- मैच्योरिटी अवधि: नेशनल सेविंग्स इंस्टीट्यूट के अनुसार, इस योजना की मैच्योरिटी अवधि 5 साल की होती है।
- अधिकतम निवेश सीमा: एक व्यक्ति इस योजना में अधिकतम ₹30 लाख तक का निवेश कर सकता है।
30 लाख के निवेश पर हर तिमाही मिलेंगे ₹61,500
यदि आप रिटायरमेंट के समय मिलने वाले फंड से इस स्कीम में ₹30 लाख का निवेश करते हैं, तो आपको हर तीन महीने (तिमाही) में ₹61,500 का ब्याज मिलेगा।
अगर इसका मासिक गणित देखें, तो यह हर महीने लगभग ₹20,500 की नियमित आय बन जाती है। यह आय आपकी पेंशन के अतिरिक्त होगी, जो आपके रोजमर्रा के खर्चों और मेडिकल बिलों को आसानी से संभालने में मदद करेगी।
5 लाख से 30 लाख तक के निवेश पर कितना मिलेगा ब्याज?
इस योजना में निवेश की गई रकम के आधार पर ब्याज का भुगतान किया जाता है। नीचे दी गई तालिका से समझिए कि कितने निवेश पर आपको कितना तिमाही और सालाना ब्याज मिलेगा:
कुल निवेश राशि- तिमाही ब्याज (हर 3 महीने में) – कुल सालाना ब्याज
- ₹5 लाख- ₹10,250- ₹41,000
- ₹10 लाख- ₹20,500- ₹82,000
- ₹15 लाख- ₹30,750- ₹1,23,000
- ₹20 लाख- ₹41,000 – ₹1,64,000
- ₹25 लाख-₹51,250 – ₹2,05,000
- ₹30 लाख- ₹61,500- ₹2,46,000
खाते में कब और कैसे आता है ब्याज का पैसा?
यदि आप सोच रहे हैं कि यह ब्याज 5 साल बाद मैच्योरिटी पर एक साथ मिलेगा, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है।
SCSS में ब्याज का भुगतान सीधे आपके बैंक खाते में ऑटोमैटिक ट्रांसफर (Auto Credit) कर दिया जाता है।
इसका भुगतान हर साल अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले वर्किंग डे (First Working Day) पर किया जाता है।
कौन-कौन कर सकता है इस स्कीम में निवेश?
1. 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक: कोई भी वरिष्ठ नागरिक इसमें आसानी से खाता खुलवा सकता है।
2. 55 से 60 वर्ष के बीच रिटायर हुए लोग: यदि कोई व्यक्ति VRS या रिटायर्ड हुआ है, तो वह भी कुछ विशेष नियमों और शर्तों के तहत इस योजना के लिए पात्र होता है।
यदि आप बिना जोखिम के सरकारी गारंटी के साथ अपनी जमा पूंजी को बढ़ाना चाहते हैं और नियमित पेंशन जैसी आय चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक में जाकर ‘सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम’ का लाभ उठा सकते हैं।