देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर (हौज रानी) से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बुधवार को यहाँ ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ के नाम से चल रही एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोग जिंदा जल गए, जिनमें से अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और दमलक कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए किसी तरह 37 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
लेकिन इस त्रासदी के पीछे जो सच सामने आया है, उसने दिल्ली के प्रशासनिक दावों की पोल खोल कर रख दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस इमारत में यह पूरा कमर्शियल होटल धड़ल्ले से चल रहा था, उसके पास कमर्शियल होटल का लाइसेंस ही नहीं था।
क्या है ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) का वो खेल, जिसकी आड़ में हुआ यह हादसा?
जांच के मुताबिक, इस बड़े कमर्शियल होटल को चलाने के लिए भारत सरकार के ‘इंक्रीडिबल इंडिया’ अभियान के तहत मिलने वाले बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) लाइसेंस का सहारा लिया गया था। यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
होटल मालिकों ने फायर एनओसी (Fire NOC) और नगर निगम के कड़े कमर्शियल नियमों से बचने के लिए इस ‘शॉर्टकट’ लाइसेंस का इस्तेमाल किया और एक घरेलू इमारत को आलीशान होटल में तब्दील कर दिया।
क्यों बनाया गया था B&B एक्ट?
दिल्ली में साल 2007 में पर्यटन को बढ़ावा देने और 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेलों) के दौरान विदेशी मेहमानों को ठहराने के लिए इस एक्ट की शुरुआत की गई थी। इसका मकसद था कि दिल्ली के स्थानीय लोग अपने घरों के 2-3 खाली कमरों में विदेशी पर्यटकों को ठहरा सकें, ताकि उन्हें भारतीय संस्कृति का अनुभव मिले और मकान मालिकों की अतिरिक्त आय हो सके।
समझिए अंतर: कड़े नियमों से बचने के लिए कैसे की गई धोखाधड़ी?
इस हादसे ने साबित कर दिया है कि चंद रुपयों की कमाई और कागजी कार्रवाई से बचने के लिए लोगों की जान को दांव पर लगा दिया गया। नीचे दी गई तालिका से समझिए कि कैसे सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ किया गया:
| सुविधाएं और नियम | होमस्टे / बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) | कमर्शियल होटल (Hotel) |
| भवन का प्रकार | पूरी तरह घरेलू (Residential) होना अनिवार्य। | पूरी तरह व्यावसायिक (Commercial) होना जरूरी। |
| मुख्य शर्त | मकान मालिक का उसी इमारत में रहना अनिवार्य है। | मालिक रहे या न रहे, कोई बाध्यता नहीं है। |
| फायर एनओसी (Fire NOC) | अग्नि सुरक्षा विभाग की NOC जरूरी नहीं है। | बिना फायर NOC और पुलिस अनुमति के संचालन असंभव। |
| कमरों की संख्या | केवल 1 से 6 अतिरिक्त कमरे रखने की अनुमति। | रेस्टोरेंट, मीटिंग रूम और दर्जनों कमरों की सुविधा। |
| लाइसेंस प्रक्रिया | रजिस्ट्रेशन बेहद सरल, कम दस्तावेजों की जरूरत। | MCD ट्रेड लाइसेंस, पुलिस और पर्यटन विभाग के कड़े नियम। |
विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल; नियमों की उड़ीं धज्जियां
इस अवैध होटल में ठहरे विदेशी नागरिकों की मौत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिल्ली की छवि को नुकसान पहुंचाया है। नियमों के मुताबिक, B&B लाइसेंस धारकों के लिए कुछ बेहद कड़े नियम तय हैं, जिन्हें इस मामले में पूरी तरह नजरअंदाज किया गया:
- FRRO को नहीं दी जानकारी? नियम के तहत यदि कोई विदेशी नागरिक B&B में रुकता है, तो उसके पासपोर्ट और वीजा की कॉपी लेकर तत्काल FRRO (फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) को सूचित करना होता है।
- कमर्शियल एक्टिविटी पर था बैन: घरेलू इमारत होने के कारण यहाँ किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि (जैसे रेस्टोरेंट या पार्टी हॉल) चलाना सख्त मना है, जबकि यहाँ ‘लेमन ग्रीन’ नाम से बकायदा रेस्टोरेंट संचालित था।
नए ड्राफ्ट के ‘सेल्फ असेसमेंट’ पर भी उठने लगे सवाल
दिलचस्प बात यह है कि अभी हाल ही में मई के आखिर में B&B के नियमों को और सरल बनाने के लिए एक नया ड्राफ्ट तैयार किया गया था। इसके तहत अब मकान मालिक को सिर्फ खुद से प्रमाणित (Self-Certified) दस्तावेज देने होते हैं और 7 दिनों के भीतर लाइसेंस मिल जाता है। हालांकि, अधिकारियों के पास औचक निरीक्षण का अधिकार होता है। लेकिन मालवीय नगर के इस हादसे ने यह साफ कर दिया है कि बिना जमीनी जांच और कड़े फायर सेफ्टी ऑडिट के ऐसे लाइसेंस देना मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ साबित हो रहा है।