मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के बड़े धरना-प्रदर्शन के ऐलान ने पूरी राजधानी में राजनीतिक हलचल को चरम पर पहुंचा दिया है। इस हाई-वोल्टेज प्रोटेस्ट के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। जिसका सीधा और भारी असर आम जनता और रेल यातायात पर पड़ा है। सुरक्षा पाबंदियों और भारी ट्रैफिक जाम के खतरे के चलते भारतीय रेलवे ने दिल्ली आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है, जिससे हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कई ट्रेनें शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द
परेशानी सिर्फ रास्ते बंद होने तक सीमित नहीं है। CJP प्रोटेस्ट के साये और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है।
इसका सबसे बुरा असर उन यात्रियों पर पड़ा है जो दिल्ली आने वाले थे या जिन्हें दिल्ली के रास्ते आगे की यात्रा करनी थी। स्टेशनों के बाहर मची अफरा-तफरी और यातायात पर लगी पाबंदियों ने यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति जरूर जांच लें।
किन ट्रेनों को किया गया कैंसिल?
10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच पहुँचने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द (Cancel at source) कर दी गई हैं। इनमें विशेष रूप से निम्नलिखित प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुई हैं:
- मुंबई राजधानी एक्सप्रेस
- राजेंद्र नगर – नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस
- संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- अमृत भारत एक्सप्रेस
इसके अलावा दिल्ली आने वाली अन्य मेल और सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें जो इसी समयावधि में पहुँचने वाली थीं।
क्यों लिया गया ट्रेनों को रद्द करने का फैसला?
रेलवे के मुताबिक, 10 अक्टूबर को मध्य दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम की आशंका जताई गई थी। इसे देखते हुए रेलवे ने इस अवधि में दिल्ली पहुंचने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशन से ही रद्द करने का फैसला लिया है।
रेलवे के अनुसार, इससे पहले भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास प्रदर्शन और सड़क पर जाम जैसी स्थिति के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। उस दौरान कथित तौर पर करीब 5,000 यात्री समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सके थे और उनकी ट्रेनें छूट गई थीं। इसी तरह की अव्यवस्था और यात्रियों की परेशानी दोबारा न हो, इसलिए रेलवे ने इस बार पहले से ही एहतियाती कदम उठाए हैं।