इस्तांबुल/नई दिल्ली।वैश्विक ड्रग तस्करी के खिलाफ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। भारत का मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया और दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी सलीम डोला तुर्किये के इस्तांबुल में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए इसे ‘डी-कंपनी’ के नारकोटिक्स सिंडिकेट की कमर टूटना बताया है।
ग्लोबल सिंडिकेट का मास्टरमाइंड
सलीम डोला केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जाता है। लंबे समय से वह दुबई को अपना ठिकाना बनाकर भारत समेत कई देशों में नशीले पदार्थों की सप्लाई का काला कारोबार देख रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, डोला का नेटवर्क इतना मजबूत था कि वह सीधे दाऊद इब्राहिम के गिरोह के संपर्क में रहकर हवाला और ड्रग्स के पैसों को ठिकाने लगाता था।
फुटपाथ से दुबई तक का सफर
सलीम डोला का अंडरवर्ल्ड से नाता काफी पुराना है। उसके पिता ने मुंबई में दाऊद इब्राहिम के साथ काम किया था, जिसके बाद सलीम ने खुद भी डी-कंपनी में अपनी पैठ बनाई। मुंबई में अपनी जड़ें जमाने के बाद वह दुबई भाग गया, जहाँ से उसने नशीले पदार्थों का एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया।
बीते एक साल में डोला परिवार पर कसता शिकंजा:
- अक्टूबर 2025: मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसके करीबी सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित कराकर भारत लाया।
- नवंबर 2025: डोला के बेटे ताहिर डोला समेत परिवार के चार सदस्यों को दुबई से डिपोर्ट कर भारत में गिरफ्तार किया गया।
प्रत्यर्पण की कानूनी पेचीदगियां
सलीम डोला पर एनसीबी (NCB) ने 1 लाख रुपये का इनाम रखा था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी था। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी तुर्किये में हुई है और उसके पास सऊदी अरब का पासपोर्ट है, जिससे उसे सीधे भारत लाना कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
भारतीय एजेंसियां अब यूएई (UAE) और अंतरराष्ट्रीय राजनयिक माध्यमों का उपयोग कर रही हैं ताकि इस कुख्यात अपराधी को जल्द से जल्द भारतीय कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
हो सकते हैं बड़े खुलासे
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सलीम डोला की गिरफ्तारी से न केवल अंतरराष्ट्रीय ड्रग रूट का पर्दाफाश होगा, बल्कि अंडरवर्ल्ड के हवाला चैनलों और आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग की कड़ियां भी जुड़ेंगी। आने वाले समय में डोला से होने वाली पूछताछ ‘डी-कंपनी’ के कई छिपे हुए चेहरों को बेनकाब कर सकती है।