मुंबई/नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के 1998 के काले हिरण शिकार मामले पर बन रही विवादित फिल्म ‘काला हिरण’ (Kala Hiran) के सेट से एक बड़ा धमाका हुआ है।
फिल्म में सलमान खान का मुख्य किरदार निभा रहे अभिनेता सोनू मिश्रा ने अचानक फिल्म छोड़ दी है और मेकर्स पर सुपरस्टार की इमेज को जानबूझकर खराब करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले ही इस फिल्म पर कड़ा रुख अपनाया हुआ है।
“मीडिया के सामने सलमान के खिलाफ बोलना था झूठ”- सोनू मिश्रा का खुलासा
अभिनेता सोनू मिश्रा ने ‘Bollywood Crazies’ को दिए एक साक्षात्कार में उन कारणों का खुलासा किया, जिन्होंने उन्हें यह प्रोजेक्ट छोड़ने पर मजबूर किया। सोनू का आरोप है कि फिल्म का मकसद सच्चाई दिखाना नहीं, बल्कि एकतरफा कहानी पेश करना था।
सोनू मिश्रा के आरोपों के मुख्य बिंदु
- एकतरफा स्क्रिप्ट: सोनू ने बताया कि फिल्म की स्क्रिप्ट सुपरस्टार सलमान खान को बेहद गलत और नकारात्मक तरीके से पेश कर रही थी।
- पीआर स्टंट का दबाव: एक्टर का दावा है कि मेकर्स चाहते थे कि वह फिल्म के प्रमोशन के दौरान मीडिया में जाकर सलमान खान के खिलाफ आपत्तिजनक और झूठी बातें कहें।
- बिना कॉन्ट्रैक्ट के शूटिंग: सोनू ने दो दिन की शूटिंग के बाद जब लीगल एग्रीमेंट और पूरी स्क्रिप्ट मांगी, तब उन्हें मेकर्स के असली इरादों (साजिश) का पता चला।
“मैं एक बड़े सुपरस्टार का रोल पाकर बहुत खुश था, लेकिन जब मुझे समझ आया कि फिल्म के पीछे मेकर्स का मकसद सिर्फ एक कलाकार की इमेज खराब करना है, तो मैंने अपने उसूलों के लिए फिल्म छोड़ना ही बेहतर समझा।” सोनू मिश्रा (एक्टर)
दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन: मेकर्स को नोटिस जारी
अमित जानी के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म के खिलाफ खुद सलमान खान ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है।
- कोर्ट का रुख: 12 जून 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेकर्स को आधिकारिक नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
- अगली सुनवाई: अदालत इस मामले पर अब 19 जून 2026 को सुनवाई करेगी। बॉलीवुड के गलियारों में चर्चा है कि अगर एक्टर के आरोप साबित होते हैं, तो फिल्म पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लग सकता है।
फिल्म इंडस्ट्री में विशेषज्ञों का मानना है कि ‘काला हिरण’ फिल्म शुरू से ही विवादों में रही है। सोनू मिश्रा के इस खुलासे ने फिल्म की विश्वसनीयता पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। क्या मेकर्स सच में एक ‘प्रोपेगेंडा’ फिल्म बना रहे थे? या फिर यह पब्लिसिटी पाने का कोई नया तरीका है? इन सभी सवालों के जवाब अब 19 जून की कोर्ट सुनवाई में मिल सकते हैं।