कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के लीग चरण के आखिरी मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़ को 5 विकेट से शिकस्त दी और नॉकआउट में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा। ग्रीन पार्क स्टेडियम की स्पिन-अनुकूल पिच पर खेले गए इस मुकाबले में गेंदबाजों का दबदबा साफ नजर आया।
चंडीगढ़ ने पहली पारी में 170 रन बनाए, जिसके जवाब में उत्तर प्रदेश ने 260 रन जुटाकर 90 रनों की अहम बढ़त हासिल की। इसके बाद तीसरे दिन चंडीगढ़ की दूसरी पारी को 185 रनों पर समेट दिया गया और यूपी को जीत के लिए 96 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे टीम ने 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
स्पिनर्स का जलवा, 3 दिन में गिरे 35 विकेट
तीन दिवसीय मुकाबले में कुल 35 विकेट गिरे, जिनमें से 25 विकेट स्पिन गेंदबाजों के खाते में आए। ग्रीन पार्क की पिच बल्लेबाजों के लिए पहेली बनी रही और दोनों टीमों के बल्लेबाज लगातार जूझते नजर आए।
तीसरे दिन चंडीगढ़ ने 4 विकेट पर 78 रन से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन यूपी के स्पिन आक्रमण के सामने उसकी एक न चली। विजय कुमार और शुभम मिश्रा ने चार-चार विकेट चटकाए, जबकि अक्षु बाजवा ने दो विकेट लेकर पारी समेटने में अहम भूमिका निभाई।
रितुराज शर्मा की संयमित पारी ने दिलाई जीत
96 रनों के आसान दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश की शुरुआत लड़खड़ाती रही और शुरुआती विकेट तेजी से गिरे। एक समय ऐसा लग रहा था कि छोटा लक्ष्य भी मुश्किल बन सकता है, लेकिन रितुराज शर्मा ने एक छोर संभालते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।
रितुराज शर्मा ने दबाव के बीच 95 गेंदों में 7 चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 63 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। उनके साथ कार्तिकेय ने भी अहम योगदान दिया और उत्तर प्रदेश ने 33.3 ओवर में मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अक्षु और निशंक बने मैच के प्रमुख स्पिन हथियार
इस मुकाबले में स्पिन गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक रही। उत्तर प्रदेश के अक्षु बाजवा ने दोनों पारियों में कुल 8 विकेट लेकर बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। वहीं, चंडीगढ़ के निशंक ने भी 11 विकेट लेकर मैच में अपनी छाप छोड़ी, हालांकि उनकी मेहनत टीम को जीत नहीं दिला सकी।
इस जीत के साथ उत्तर प्रदेश ने न सिर्फ घरेलू मैदान पर दम दिखाया, बल्कि नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदों को भी मजबूती से थामे रखा है।