नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) और वामपंथी दलों का समर्थन मिला है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की भागीदारी को लेकर भी संकेत सामने आए हैं। वहीं, कांग्रेस ने इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी है।
CJP ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी की अपील पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया अलग-अलग रही है। कुछ दलों ने खुलकर समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों को प्राथमिकता देते हुए प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।
AAP का समर्थन, अरविंद केजरीवाल परिवार के साथ पहुंचेंगे प्रदर्शन में
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने CJP के प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान किया है। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है।
केजरीवाल ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ प्रदर्शन में मौजूद रहेंगे।
TMC ने भी जताया समर्थन, भागीदारी पर फैसला बाद में
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी CJP के प्रदर्शन को समर्थन दिया है। हालांकि, शुक्रवार रात तक यह साफ नहीं था कि TMC के नेता सीधे प्रदर्शन में शामिल होंगे या नहीं।
दिल्ली पहुंचने से पहले ममता बनर्जी ने कहा था कि उनकी पार्टी CJP के संपर्क में है और उन्होंने प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।
TMC के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी प्रदर्शन के समर्थन में बयान दिए हैं।
कांग्रेस ने बनाई दूरी, चेन्नई में राहुल गांधी का कार्यक्रम
CJP के इस प्रदर्शन से कांग्रेस ने दूरी बनाए रखी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कांग्रेस की ओर से अभी तक CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। राहुल गांधी हाल के दिनों में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन इस प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी नहीं होगी।
वामपंथी दलों ने किया समर्थन, मौलिक अधिकारों का दिया हवाला
वामपंथी दलों ने CJP के प्रदर्शन का समर्थन किया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), CPI (ML) लिबरेशन, आरएसपी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने संयुक्त बयान जारी कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को नागरिकों का मौलिक अधिकार बताया है।
CPM महासचिव एमए बेबी ने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी ऐसे प्रदर्शनों में शामिल होती रही है और इस बार भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।
प्रदर्शन से पहले सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
CJP के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन प्रतिबंधों को लेकर मामला अदालतों तक पहुंच गया है। CPM महासचिव एमए बेबी ने प्रदर्शन से पहले लगाए गए प्रतिबंधों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
वहीं, TMC नेता साकेत गोखले ने दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने के मामले में स्वत: संज्ञान लेने की मांग की है।
CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने कई इलाकों में बैरिकेडिंग और जांच व्यवस्था कड़ी कर दी है। अब नजर इस बात पर है कि जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन में कितनी राजनीतिक भागीदारी होती है और इसका असर सियासी माहौल पर कितना पड़ता है।