नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बीजेपी सांसद कंगना रनौत के ‘गटर जनरेशन’ वाले बयान पर असहमति जताई है। एक न्यूज चैनल से खास बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि किसी एक संगठन या समूह की आलोचना करते हुए पूरी पीढ़ी को गलत ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि कंगना रनौत की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा गलत थी।
कंगना के बयान पर चिराग पासवान ने क्या कहा?
मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में जेन-जी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने इस पीढ़ी के लोगों को ‘गटर लेवल के लोग’ कहा था। अपने बयान पर सफाई देते हुए कंगना ने कहा था कि जब कुछ लोग खुद को ‘कॉकरोच’ कहते हैं तो कॉकरोच गटर में ही रहते हैं।
इसी मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर चिराग पासवान ने कहा कि किसी संगठन या पार्टी में अलग-अलग तरह के लोग होते हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद भी कई बार अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बातों या गतिविधियों से असहमत होते हैं और उन्हें टोकते हैं।
‘मैं खुद ऐसी बातों से परेशान हूं’
चिराग पासवान ने कहा कि किसी भी व्यवस्था में कुछ लोग ऐसी बातें कर सकते हैं जिनसे वह खुद भी परेशान होते हैं। हालांकि, उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सरकार का प्रमुख नेतृत्व क्या सोचता है और उसकी नीति क्या है।
उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास रखकर आगे बढ़ा रहा हूं। वो मेरे प्रधानमंत्री हैं। वो क्या कहते हैं, वो क्या सोचते हैं, केवल वही मायने रखता है।”
‘संगठन में कई लोग उटपटांग बातें करते हैं’
चिराग पासवान ने कहा कि बड़े राजनीतिक संगठनों में अलग-अलग विचार रखने वाले लोग होते हैं। उन्होंने सांप्रदायिक बयानबाजी का उदाहरण देते हुए कहा कि कई नेता समय-समय पर ऐसी बातें करते हैं, जिनसे वह खुद सहमत नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सावन के दौरान मांस की बिक्री रोकने या दुकानों पर नेम प्लेट लगाने जैसे बयानों का वह समर्थन नहीं करते। लेकिन किसी एक व्यक्ति के बयान के आधार पर पूरे राजनीतिक सिस्टम को खारिज करना भी सही नहीं होगा।
‘पूरी जनरेशन को बुरा कहना गलत’
कंगना रनौत के ‘गटर जनरेशन’ बयान पर चिराग पासवान ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं मानता हूं यह गलत है। एक संगठन को बुरा बोलते-बोलते आप पूरी जनरेशन को ऐसा कह दें, यह सही नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने वाले नेताओं को समय-समय पर टोका जाता है। चिराग के मुताबिक, वह अपनी पार्टी में गलत बयानबाजी पर नेताओं को टोकते हैं और बीजेपी भी अपने नेताओं को ऐसा करने पर रोकती है।
चिराग का बड़ा संदेश
चिराग पासवान के बयान से साफ है कि वह कंगना रनौत की टिप्पणी से सहमत नहीं हैं, लेकिन इसे पूरे बीजेपी या सरकार के रुख से जोड़कर देखने के पक्ष में भी नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि किसी एक नेता के बयान के आधार पर पूरे संगठन या सरकार का आकलन नहीं किया जाना चाहिए।