एक तरफ जहां एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ पुरुषों के टी20 मुकाबले में टीम इंडिया के प्रदर्शन ने फैंस की सांसें अटका दीं। जापान जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ महज़ 33 रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए भारतीय टीम के पसीने छूट गए। बल्लेबाजी के लचर प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों के दम पर किसी तरह भारत ने यह मैच बचाया, जिसने हालिया आयरलैंड दौरे के कड़वे जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है।
5 ओवर में भारत की बेहद खराब शुरुआत, 4 विकेट गिरे
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। बारिश के कारण मैच देर से शुरू हुआ, जिसके चलते ओवरों की संख्या घटाकर 5-5 ओवर कर दी गई थी।
लड़खड़ाती शुरुआत: पारी की पहली ही गेंद पर ओपनर अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद संजू सैमसन (7 गेंद में 9 रन) और तीसरे नंबर पर आए ईशान किशन (6 गेंद में 3 रन) भी सस्ते में पवेलियन लौट गए।
श्रेयस का संघर्ष: कप्तान श्रेयस अय्यर ने कुछ संभालने की कोशिश करते हुए 12 गेंदों में 16 रनों की नाबाद पारी खेली। निर्धारित 5 ओवरों में भारत 4 विकेट के नुकसान पर महज 32 रन ही बना सका।
भारतीय गेंदबाजों का कहर, रोमांचक अंदाज में पस्त हुआ जापान
33 रनों का लक्ष्य कागजों पर भले ही बेहद आसान लग रहा था, लेकिन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के आगे जापान के लिए यह पहाड़ जैसा साबित हुआ।
शुरुआती झटके: जापान की शुरुआत भी खराब रही और शुरुआती बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट गए। हालांकि, केंडेल और बेंजामिन ने पारी को संभालकर मैच को रोमांचक मोड़ दे दिया, जिससे एक वक्त ऐसा लगा कि जापान बड़ा उलटफेर कर देगा।
वॉशिंगटन सुंदर का कमाल: अहम मौके पर वॉशिंगटन सुंदर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए खतरनाक दिख रहे बल्लेबाज (12 गेंद में 12 रन) को यश ठाकुर के हाथों कैच आउट कराकर भारत की वापसी कराई और जापानी पारी को तहस-नहस कर दिया।
आयरलैंड सीरीज की कड़वी यादें: अजेय रहने का सिलसिला थमा
यह पहली बार नहीं है जब टीम इंडिया को इस तरह के संघर्ष का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले जून 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को आयरलैंड दौरे पर दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में 0-2 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था।
बेलफास्ट में खेले गए पहले मुकाबले में आयरलैंड ने 34 रन से और दूसरे मुकाबले में 1 रन से रोमांचक जीत दर्ज की थी। उस हार के साथ ही भारत की लगातार 16 टी20 सीरीज से चली आ रही अजेय रहने की स्ट्रीक (Streak) भी टूट गई थी।
एशियन गेम्स में महिला टीम की ऐतिहासिक सफलता जहां भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम भविष्य का संकेत देती है, वहीं जापान के खिलाफ पुरुषों की यह संघर्षपूर्ण जीत और आयरलैंड के खिलाफ हालिया नाकामी टीम प्रबंधन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि भारत को वैश्विक मंच पर अपना दबदबा कायम रखना है, तो बल्लेबाजी में अपनी कमियों और शीर्ष क्रम के लचर प्रदर्शन पर जल्द से जल्द लगाम लगानी होगी।