नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की आवेदन प्रक्रिया तो शुरू हो गई है, लेकिन छात्रों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
सोमवार को तकनीकी खराबी के कारण ठप पड़े पोर्टल को दुरुस्त करने के बाद सीबीएसई ने मंगलवार तड़के सोशल मीडिया पर इसके दोबारा लाइव होने की घोषणा की। हालांकि, वेबसाइट खुलते ही हजारों छात्र लॉगिन, वेरिफिकेशन और एप्लीकेशन सबमिशन को लेकर गंभीर तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
सुबह 4:42 बजे पोस्ट कर दी खुशखबरी, पर साइट पर दिखा ‘Failed’
सीबीएसई ने तड़के सुबह 4:42 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर पोस्ट करके जानकारी दी कि CBSE 12th Re-evaluation Portal को दोबारा चालू कर दिया गया है। बोर्ड के इस दावे के बाद जैसे ही छात्रों और अभिभावकों ने वेबसाइट का रुख किया, उनके हाथ निराशा लगी।
रोल नंबर और अन्य जरूरी क्रेडेंशियल्स दर्ज करने के बाद सिस्टम बार-बार “Failed” या “Verification Failed” का एरर मैसेज दिखा रहा है। छात्रों का आरोप है कि सही कैप्चा कोड भरने के बाद भी वेबसाइट आगे नहीं बढ़ रही है, और कई मामलों में आवेदन प्रक्रिया पूरी होते ही सिस्टम यूजर को दोबारा होम पेज पर री-डायरेक्ट कर दे रहा है।
आंसर शीट में बड़ी लापरवाही का दावा, असमंजस में छात्र
पोर्टल की तकनीकी खामियों के अलावा, इस बार कॉपियों के मूल्यांकन (Evaluation) को लेकर भी छात्रों में भारी गुस्सा है। सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने दावा किया है कि:
- उनकी आंसर शीट्स में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को जांचा ही नहीं गया है।
- सही उत्तर लिखे होने के बावजूद उन्हें शून्य या बेहद कम नंबर दिए गए हैं।
छात्रों के सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि पोर्टल पर इस तरह की लापरवाही (बिना जांचे गए प्रश्न) की शिकायत दर्ज करने के लिए कोई स्पष्ट या अलग विकल्प मौजूद नहीं है। ऐसे में छात्र असमंजस में हैं कि वे री-इवैल्यूएशन के दौरान कौन सा ऑप्शन चुनें।
परेशान छात्रों को सीबीएसई की सलाह: ‘सीधे करें DM’
सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ रहे गुस्से और शिकायतों को देखते हुए सीबीएसई (CBSE) की टीम एक्टिव हुई है। बोर्ड ने प्रभावित छात्रों को जवाब देते हुए कहा है कि जिन भी उम्मीदवारों को लॉगिन करने या आवेदन सबमिट करने में तकनीकी दिक्कत आ रही है, वे सीधे सीबीएसई के आधिकारिक हैंडल पर डायरेक्ट मैसेज (DM) करके अपनी समस्या बता सकते हैं।
हालांकि, छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि व्यक्तिगत संदेश भेजने के बजाय बोर्ड को जल्द से जल्द अपने सर्वर और पोर्टल की सभी खामियों को पूरी तरह ठीक करना चाहिए, क्योंकि आवेदन की समय-सीमा सीमित है और इससे छात्रों के कॉलेज एडमिशन और भविष्य का फैसला होना है।