भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई 31 वर्षीय त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक बहुत बड़ा मोड़ आ गया है।
इस हाई-प्रोफाइल केस की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने आधिकारिक तौर पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की सिफारिश कर दी है। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र को सहमति पत्र (Consent Letter) भेज दिया है। सरकार के इस कदम से मृतका के परिवार को निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद मजबूत हो गई है।
दूसरी ओर, इस मामले के मुख्य आरोपी और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के फरार बेटे समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में तीखी बहस देखने को मिली।
न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ के समक्ष आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई।
सीनियर एडवोकेट की दलील: समर्थ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए दावा किया कि सभी आरोप अनर्गल और झूठे हैं। उन्होंने दलील दी कि वाट्सएप चैट में प्रताड़ना या दहेज का कोई जिक्र नहीं है और डिजिटल चैट्स को एडिट भी किया जा सकता है।
महाधिवक्ता ने मांगा वक्त: राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल से मूल ‘केस डायरी’ मंगवाने के लिए कोर्ट से समय मांगा। कोर्ट ने दोपहर ढाई बजे तक का समय देते हुए सुनवाई को आगे बढ़ाया।
यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल इसलिए है क्योंकि मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह खुद एक सेवानिवृत्त जिला जज हैं।
त्विषा शर्मा और समर्थ सिंह का रिश्ता एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए तय हुआ था। दिसंबर 2025 में दिल्ली में दोनों की धूमधाम से शादी हुई, जिसके बाद त्विषा भोपाल आकर रहने लगी। लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद, वह अपने भोपाल स्थित घर में फंदे से लटकी पाई गई। चौंकाने वाली बात यह है कि मौत के वक्त त्विषा गर्भवती थी।
इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से बेहद गंभीर और अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं मृतका के पिता का आरोप: त्विषा के पिता का साफ कहना है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या करके शव को फंदे से लटकाया गया है। दामाद समर्थ और उसकी मां लगातार त्विषा को प्रताड़ित कर रहे थे।
ससुराल पक्ष का दावा: इसके उलट, आरोपी समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह का आरोप है कि त्विषा मानसिक रूप से अस्थिर थी और नशीले पदार्थों का सेवन करती थी, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी समर्थ सिंह लगातार फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और उस पर घोषित इनाम की राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे पहले भोपाल की स्थानीय अदालत समर्थ की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर चुकी है, जिसके बाद उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है।
अब जब इस मामले में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ‘CBI’ की एंट्री होने जा रही है, तो उम्मीद की जा रही है कि त्विषा की मौत के पीछे का सच जल्द ही सबके सामने आ जाएगा।
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