Trending News

‘Go-LX’ की पहल, बंगाल में नियमों पर रार और किस मुस्लिम धर्मगुरू ने की गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ बनाने की मांग!

देश में इन दिनों गाय संरक्षण, पशु हत्या और धार्मिक परंपराओं को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अलग-अलग राज्यों और धार्मिक संगठनों से आए बयानों ने इस मुद्दे को सामाजिक और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है और अब यह मामला सिर्फ धार्मिक भावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कानून, परंपरा और प्रशासनिक नियम भी शामिल हैं।

इस चर्चा की शुरुआत उस प्रस्ताव से हुई जिसमें हिंदू संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गायों की सुरक्षा को लेकर एक नया विचार सामने रखा। उन्होंने “Go-LX” नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने की बात कही है, जो किसी हद तक OLX की तरह काम करेगा। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य यह है कि लोग अपनी गायों को सीधे गौशालाओं या गौसेवकों को बेच सकें। इससे गायों को कसाइयों तक जाने से रोका जा सकेगा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। संत का मानना है कि इससे गाय संरक्षण को एक संगठित और डिजिटल व्यवस्था के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।

इसी बीच पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले पशु वध से जुड़े नए नियमों को लेकर विवाद शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने पशु वध पर कुछ सख्त शर्तें लागू की हैं, जिनमें कम उम्र के मवेशियों के हत्या पर रोक और आवश्यक प्रमाणपत्रों की व्यवस्था शामिल है। सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य अवैध पशु तस्करी को रोकना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना है, न कि किसी धार्मिक परंपरा को बाधित करना।

हालांकि इन नियमों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है। पश्चिम बंगाल के एक विधायक और AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने बयान दिया कि बकरीद पर कुर्बानी एक 1400 साल पुरानी धार्मिक परंपरा है और इसे जारी रखा जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस और तेज हो गई। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने इसे राज्य के नियमों के पालन के संदर्भ में समझने की बात कही।

दूसरी ओर, कई मुस्लिम संगठनों और धार्मिक नेताओं ने यह भी कहा है कि कुर्बानी इस्लाम की परंपरा का हिस्सा है, लेकिन इसे कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए। कुछ जगहों पर लोगों से यह अपील भी की जा रही है कि यदि आवश्यक हो तो बकरी या भेड़ जैसे पशुओं की कुर्बानी दी जाए, ताकि किसी प्रकार का विवाद या कानून का उल्लंघन न हो।

इसी मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी एक अलग तरह की मांग सामने आई है। शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष सैयद सैफ अब्बास नकवी ने गाय को “राष्ट्रीय पशु” घोषित करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि देश में गौहत्या पर सख्त रोक होनी चाहिए और इस कदम से समाज में शांति और आपसी सौहार्द बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कदमों से कानून का पालन मजबूत होगा और सामाजिक तनाव कम किया जा सकेगा।

news desk

Recent Posts

आकाशवाणी में धरना, फिर हिरासत और अब रिहाई… दो घंटे बाद छूटे राहुल-प्रियंका गांधी; दिनभर ऐसे चला हाईवोल्टेज प्रदर्शन

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को…

7 hours ago

34 हजार फीट की ऊंचाई पर हमले के बाद घायल हुए कैप्टन स्मित अब कैसे हैं? UAE दूतावास ने दिया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए…

7 hours ago

रात 10:24 बजे अचानक हिली धरती, देहरादून से नोएडा-गाजियाबाद तक महसूस हुए झटके; चमोली में था भूकंप का केंद्र

नोएडा: मंगलवार रात उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर तक भूकंप के झटकों से…

8 hours ago

AI के आगे डिग्री भी पड़ सकती है फीकी! नौकरी पाने का पुराना फॉर्मूला बदल रहा, अब इन स्किल्स की होगी सबसे ज्यादा कीमत

नई दिल्ली: कभी अच्छी नौकरी के लिए एक सीधा फॉर्मूला माना जाता था—अच्छी पढ़ाई, प्रतिष्ठित…

8 hours ago

कब्र में दफन था राज, मोबाइल ने खोला हत्या का शक; पत्नी और प्रेमी पर पति को मारने का आरोप, अब बाहर निकलेगा शव

मेरठ: लोहियानगर के फतेहउल्लापुर में तालिब की मौत को पहले स्वाभाविक मानकर दफना दिया गया,…

8 hours ago