मौजूदा समय में बड़ी संख्या में लोग शराब पीना पसंद करते हैं। हालांकि, कई लोग महंगी शराब खरीदने में सक्षम नहीं होते और मजबूरी में सस्ती शराब का सेवन करते हैं, जिसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ता है। वैसे तो शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी, समारोह और शादियों में लोग जमकर शराब का उपयोग करते हैं।
इसी बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश किया। इस बजट में शराब को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बजट भाषण खत्म होते ही आम लोग यह जानने के लिए उत्सुक हो गए कि आखिर शराब को लेकर सरकार ने क्या फैसला किया है।
हालांकि, बजट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों को महंगा करने की घोषणा की गई है, वहीं शराब को लेकर भी सरकार के फैसले का असर देखने को मिलेगा। शराब के दाम बढ़ने से सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और उन्हें अपनी पसंदीदा शराब के लिए अब ज्यादा खर्च करना होगा।
आज से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। सरकार ने इन उत्पादों पर टैक्स और एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। नए प्रावधानों के तहत अब 40 प्रतिशत जीएसटी के साथ अतिरिक्त सेस और एक्साइज शुल्क लगाया गया है। इसके अलावा सिगरेट पर प्रति स्टिक शुल्क भी लागू कर दिया गया है।
इन बदलावों का सीधा असर धूम्रपान करने वालों पर पड़ेगा, जिन्हें अब पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी होगी। वहीं, केंद्रीय बजट 2026-27 में शराब स्क्रैप और खनिजों की बिक्री पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दर बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है, जो पहले 1 प्रतिशत थी। इस फैसले से संबंधित कारोबार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ने की संभावना है।