नई दिल्ली: राजस्थान में हुए निकाय चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। पार्टी के प्रदर्शन पर बसपा प्रमुख मायावती ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। हालांकि, उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई उम्मीदवारों को दोबारा मतगणना के दौरान मामूली वोटों के अंतर से हराया गया। मायावती के मुताबिक, ऐसा नहीं होता तो राजस्थान में पार्टी का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बसपा ने 19 सीटों पर अपने पार्षद जिताए हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कई उम्मीदवारों को सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी के कारण दोबारा गिनती में थोड़े-थोड़े वोटों के अंतर से हरा दिया गया।
मायावती ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो पार्टी का राजस्थान में परिणाम और बेहतर हो सकता था। उन्होंने इस प्रदर्शन के लिए बसपा के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
बसपा प्रमुख ने राजस्थान के साथ पंजाब और देश के कुछ अन्य राज्यों में हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में भी पार्टी को पहले की तुलना में बेहतर नतीजे मिले हैं और वहां के कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी बधाई के पात्र हैं।
मायावती ने उम्मीद जताई कि आने वाले विधानसभा चुनावों के साथ-साथ देश में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी पार्टी के ये कार्यकर्ता बेहतर परिणाम हासिल करेंगे।
राजस्थान निकाय चुनाव के परिणामों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए कई निकायों में बढ़त बनाई। राज्य चुनाव आयोग के घोषित नतीजों के अनुसार, 10 नगर निगमों में बीजेपी ने जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को बीकानेर नगर निगम में बहुमत मिला।
जोधपुर, अलवर, अजमेर और पाली नगर निगमों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही बहुमत के आंकड़े से दूर रहे। ऐसे में इन निकायों में बोर्ड के गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है। अलवर में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी रही, जबकि अजमेर और पाली में कांग्रेस आगे रही। भरतपुर नगर निगम में निर्दलीय उम्मीदवारों को बहुमत मिला। भरतपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह क्षेत्र है।
47 नगर परिषदों के चुनाव में बीजेपी ने 12 निकायों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को छह नगर परिषदों में बहुमत मिला, जबकि आम आदमी पार्टी ने एक निकाय में बहुमत का आंकड़ा पार किया।
वहीं, राज्य की 252 नगर पालिकाओं में बीजेपी ने 70 पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को 39 सीटें मिलीं। बाकी नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में निर्दलीय उम्मीदवारों तथा छोटे दलों ने अपनी स्थिति मजबूत की।
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