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UPI पर चार्ज लगाने की अटकलों पर सरकार का बड़ा फैसला! ₹2,000 तक के भुगतान और RuPay डेबिट कार्ड पर नहीं लगेगी फीस

नई दिल्ली: यूपीआई भुगतान को लेकर चल रही शुल्क लगने की अटकलों के बीच सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को एक अहम अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया कि कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन और RuPay डेबिट कार्ड से किए गए भुगतान पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगा सकता। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पिछले कुछ समय से यूपीआई पर भविष्य में शुल्क लगाए जाने की चर्चा लगातार होती रही है।

अधिसूचना के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भुगतान करने या रकम प्राप्त करने वाले व्यक्ति पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं लगा सकेगा। इसमें RuPay डेबिट कार्ड और 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन को स्पष्ट तौर पर शामिल किया गया है।

UPI शुल्क को लेकर चल रही चर्चाओं पर लगा विराम

वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में किए गए बदलाव के बाद यह अधिसूचना जारी की है। इस कानून में संशोधन को पिछले महीने संसद की मंजूरी मिली थी। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गई थीं कि सरकार डिजिटल भुगतान के इन माध्यमों पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल सकती है।

हालांकि, सरकार ने अब साफ कर दिया है कि इन माध्यमों से भुगतान करने या पैसा हासिल करने वाले व्यक्ति से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। इससे यूपीआई शुल्क को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।

₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान का क्या है आंकड़ा?

आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में पर्सन-टू-मर्चेंट यानी P2M श्रेणी के सिर्फ 4 प्रतिशत यूपीआई भुगतान 2,000 रुपये से ज्यादा के थे। हालांकि, संख्या में कम होने के बावजूद इन लेनदेन की कुल राशि यूपीआई भुगतान के मूल्य का करीब दो-तिहाई हिस्सा थी।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान यूपीआई के जरिए 314 लाख करोड़ रुपये के 24,000 करोड़ से अधिक लेनदेन किए गए।

संसद में संशोधन के बाद क्यों शुरू हुई थी फीस की चर्चा?

पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में संशोधन को संसद की मंजूरी मिलने के बाद यूपीआई समेत दूसरे डिजिटल भुगतान माध्यमों पर शुल्क लगाए जाने की संभावना को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। हालांकि, वित्त मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुकी थीं कि इस कानून में बदलाव का उद्देश्य यूपीआई पर कोई कर या लेनदेन शुल्क लगाना नहीं है।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया था कि यूपीआई शुरू होने के बाद से उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त रहा है और आगे भी लोग बिना लेनदेन शुल्क के इसका इस्तेमाल करते रहेंगे। अब वित्त मंत्रालय की अधिसूचना ने 2,000 रुपये तक के यूपीआई भुगतान और RuPay डेबिट कार्ड लेनदेन पर शुल्क को लेकर स्थिति और स्पष्ट कर दी है।

vineet verma

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