हैदराबाद स्थित SAS Group ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जारी अपनी ताज़ा सर्वे रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के युवाओं में तेजस्वी यादव सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं. वहीं, पारंपरिक नेतृत्व की छवि वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बार युवा वर्ग में पिछड़ते हुए देखा जा रहा है.
युवाओं की पहली पसंद बने तेजस्वी यादव
SAS Group के सर्वेक्षण में 18 से 29 वर्ष के बीच के करीब 42 प्रतिशत युवा मतदाताओं ने तेजस्वी यादव को बिहार का अगला मुख्यमंत्री देखने की इच्छा जताई. वहीं, इस वर्ग में नीतीश कुमार को मात्र 27.7 प्रतिशत समर्थन मिला. यह आँकड़ा साफ दिखाता है कि बिहार की युवा पीढ़ी अब पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर विकास, रोजगार और नई सोच पर आधारित नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही है.
राजनीति में आ रहा है सोच का बदलाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार के युवाओं में जातीय समीकरणों और पुराने वोट-बैंकों की जगह अब नेतृत्व छवि, सोशल मीडिया प्रभाव और पारदर्शिता बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. SAS Group ने बताया कि आरक्षण विवाद, मतदाता सूची सुधार (Special Intensive Revision) और सरकारी प्रक्रियाओं पर संदेह ने युवाओं और पिछड़े वर्गों में निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
रिपोर्ट का विश्लेषण: बदलाव की राजनीति का दौर
SAS Group के विश्लेषकों के अनुसार, 18 से 34 वर्ष की आयु के मतदाता अब उन नेताओं की ओर झुक रहे हैं जिनकी छवि बदलाव और विकास से जुड़ी हो. तेजस्वी यादव ने इस ट्रेंड का सीधा लाभ उठाया है, जबकि नीतीश कुमार को पारंपरिक नेतृत्व का प्रतीक माना जा रहा है.
साथ ही, बेरोज़गारी, शिक्षा, आरक्षण और रोजगार से जुड़ी चुनौतियाँ आज युवा मतदाताओं के प्रमुख मुद्दे हैं. इसलिए राजनीतिक दलों को केवल वोट बैंक की राजनीति से आगे बढ़कर विश्वास, पारदर्शिता और संवाद की राजनीति अपनाने की ज़रूरत है.