Trending News

क्या बिहार चुनाव ‘कैश पॉलिटिक्स’ से जीता गया? जन सुराज का आरोप – “विश्व बैंक का पैसा वोट खरीदने में लगा दिया !”

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की धमाकेदार जीत (202 सीटें) के बाद राज्य की सियासत एक नए विवाद में फंस गई है. प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने बड़ा आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार सरकार ने विश्व बैंक के 14,000 करोड़ रुपये—जो विकास परियोजनाओं के लिए मिले थे—उन्हें महिलाओं को 10,000 रुपये देने में इस्तेमाल कर दिया, जिससे चुनाव का माहौल पूरी तरह बदल गया. उदय सिंह और पवन वर्मा का दावा है कि जून से लेकर चुनाव तक करीब 40,000 करोड़ रुपये वोट खरीदने में खर्च कर दिए गए.

40,000 करोड़ की ‘कैश पॉलिटिक्स’ ?

जन सुराज का कहना है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में पैसा आचार संहिता लागू होने से ठीक एक घंटा पहले डाल दिया गया. पवन वर्मा ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि यह पैसा विश्व बैंक के 21,000 करोड़ वाले पैकेज से लिया गया, जबकि बिहार पर पहले से ही 4.06 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और राज्य रोज 63 करोड़ ब्याज चुका रहा है.

उदय सिंह ने तो साफ कहा, “एनडीए ने जनता के पैसों से वोट खरीदे, और ये स्केल आपने पहले कभी नहीं देखा होगा.” यह योजना सितंबर 2025 में शुरू हुई थी और पीएम मोदी ने खुद 75 लाख महिलाओं को फंड रिलीज किया था. जन सुराज का आरोप है कि यह एक ‘पॉलिटिकल फ्रीबी’ थी जिसने महिला वोटरों को पूरी तरह प्रभावित किया.

सरकार और पार्टियों की चुप्पी जारी

इन आरोपों पर अभी तक न बिहार सरकार, न जदयू, न भाजपा और न ही विश्व बैंक ने कोई सीधा जवाब दिया है. चिराग पासवान ने बस हल्का-फुल्का पलटवार किया, लेकिन फंड डायवर्जन पर कुछ नहीं बोले.

माहिरों का कहना है कि विकास फंड को दूसरी जगह इस्तेमाल करना कानूनन संभव है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले ऐसा करना नैतिकता और MCC दोनों पर सवाल खड़ा करता है. ऊपर से, विश्व बैंक की प्रोजेक्ट लिस्ट में इस कैश ट्रांसफर योजना का कोई सीधा कनेक्शन भी नहीं मिला है—जिससे मामला और उलझ गया है.

जन सुराज ने 238 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट नहीं मिली. पार्टी का कहना है कि यह हार उनकी नहीं, ‘वोट खरीद’ की जीत है. अब बड़ा सवाल यही है—क्या विकास का पैसा अब चुनावी हथियार बन चुका है? और क्या चुनाव आयोग या विश्व बैंक इन आरोपों की जांच करेंगे? एनडीए की जीत तो गयी है, लेकिन इस विवाद की आंच अभी ठंडी नहीं हुई है.

news desk

Recent Posts

क्या बीयर पीने से किडनी स्टोन निकल जाता है? जानिए डॉक्टरों की राय और इसके पीछे का सच

आजकल सोशल मीडिया और लोगों के बीच एक बात काफी तेजी से फैल रही है…

3 hours ago

Cannes 2026: रेड कार्पेट पर ‘परी’ बनकर उतरीं उर्वशी रौतेला, सिल्वर गाउन और मांग-टीके ने खींचा सबका ध्यान

बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस और ग्लोबल आइकन उर्वशी रौतेला ने एक बार फिर 'कान्स फिल्म…

6 hours ago

रहस्यमयी मौत या मेडिकल जटिलता? प्रतीक यादव केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले कई सवाल

भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी नेता और महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति…

7 hours ago

NASA वैज्ञानिक का ‘मौत’ से तीन बार साक्षात्कार: क्या मृत्यु सिर्फ एक भ्रम है? इंग्रिड होनकाला के दावों ने विज्ञान को दी चुनौती

वॉशिंगटन/बोगोटा। क्या मौत वाकई जीवन की 'पूर्णविराम' है, या फिर यह किसी अनंत यात्रा का…

7 hours ago

हॉलीवुड का ‘डार्क’ सच: जब अपनी ही सहेली ने हेडन पैनेटीयर को ‘मशहूर शख्स’ के बिस्तर तक पहुँचाया

एक्ट्रेस हेडन पैनेटीयर ने अपनी आने वाली किताब 'दिस इज मी: ए रेकनिंग' के प्रमोशन…

8 hours ago

CBSE 12th Result 2026: 18 लाख छात्रों का इंतजार खत्म, सीबीएसई ने जारी किए नतीजे; जानें इस बार के समीकरण और डिजिटल एक्सेस का तरीका

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साल 2026 की कक्षा 12वीं के परिणामों…

10 hours ago