Highlights
- चुनावी राजनीति से दूरी: NEET पेपर लीक आंदोलन की अगुवाई करने वाले अभिजीत दीपके बोले— राजनीति में जाना होता तो अमेरिका पढ़ने नहीं जाता।
- सांतुक पिंपरी गांव के लिए रोडमैप: महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव में स्कूल, सड़क और अस्पताल सुधारने की जताई इच्छा।
- प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी CJP: जनता और छात्रों के मुद्दों को उठाने के लिए लोकतांत्रिक दबाव समूह (Pressure Group) बनाएगी कॉकरोच जनता पार्टी।
- 5 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में बैठक: CJP के प्रमुख सदस्यों की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भविष्य की रणनीति का होगा खुलासा।
नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ महीने भर चले ऐतिहासिक छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाले अभिजीत दीपके ने अपने भविष्य के कदमों को लेकर स्थिति साफ कर दी है। देश के कई दिग्गज नेताओं और मंत्रियों के संपर्क में होने की अटकलों के बीच दीपके ने स्पष्ट किया है कि उनकी चुनावी राजनीति में जाने की कोई इच्छा नहीं है।
एबीपी न्यूज से बातचीत करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि उनका मुख्य सपना अपने गृह गांव का विकास करना और एक मजबूत ‘प्रेशर ग्रुप’ के जरिए व्यवस्था में सुधार लाना है।
“अमेरिका पढ़ने नहीं जाता अगर नेता बनना होता”- हिंगोली का सरपंच बनने की ख्वाहिश
अमेरिका में पढ़ाई के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की नींव रखने वाले अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका असली लक्ष्य महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने गांव सांतुक पिंपरी की स्थिति बदलना है।
दीपके ने भावुक होते हुए कहा:
“मैं हर साल गर्मियों में अपने गांव में दो-तीन महीने बिताता था। मुझे अच्छी शिक्षा का मौका मिला, लेकिन मेरे गांव के बच्चे और रिश्तेदार आज भी जर्जर स्कूलों में टूटे फर्श पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। मैं अपने गांव का सरपंच बनकर वहां के स्कूलों, सड़कों, नालियों और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाना चाहता हूं।”
लोकतंत्र में जरूरी हैं ‘प्रेशर ग्रुप्स’: राजनीतिक दलों पर बनाएंगे दबाव
मुख्यधारा की राजनीति में उतरने के बजाय दीपके अपने विशाल स्वयंसेवक (Volunteer) नेटवर्क के जरिए व्यवस्था पर असर डालना चाहते हैं। उनका कहना है कि CJP एक राजनीतिक दबाव समूह (Political Pressure Group) की तरह काम करेगी।
उनका मानना है कि लोकतंत्र जितना मजबूत होगा, उतने ही अधिक स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप होने चाहिए ताकि सरकार किसी भी दल की हो, जनता और छात्रों के मुद्दों पर उससे जवाबदेही तय की जा सके।
5 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में CJP की बड़ी बैठक, रणनीति का होगा ऐलान
जंतर-मंतर पर आंदोलन समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं को परिवारों के साथ समय बिताने और छात्रों से सीधे सुझाव जुटाने का निर्देश दिया गया था।
पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, अब 5 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर स्थित दीपके के आवास पर CJP के प्रमुख सदस्यों की एक उच्चस्तरीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक में देशभर से आए सुझावों के आधार पर संगठन की भविष्य की कार्ययोजना तय की जाएगी। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP अपनी अगली बड़ी रणनीति की आधिकारिक घोषणा करेगी।