राजेश एक्सपोर्ट्स को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, देश की सफल और बेंगलुरु स्थित कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स, जो लंबे समय तक भारत की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती रही है, अब एक नए विवाद में फंस गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स पर करीब 15 लाख करोड़ रुपये की फर्जी कमाई दिखाने का आरोप लगा है। मामला इतना गंभीर हो गया है कि सेबी (SEBI) ने इस पर कार्रवाई करते हुए बैन भी लगा दिया है।
भारतीय शेयर बाजार में सालों से निवेशकों का भरोसा जीतने वाली और खुद को दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफाइनिंग व ज्वेलरी एक्सपोर्ट कंपनियों में से एक बताने वाली ‘राजेश एक्सपोर्ट्स’ (Rajesh Exports) एक बड़े वित्तीय घोटाले के आरोपों में घिर गई है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने कंपनी के राजस्व (Revenue) और बैलेंस शीट में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा पकड़ते हुए कंपनी और उसके प्रमोटर राजेश मेहता के खिलाफ सख्त अंतरिम आदेश जारी कर दिया है।
SEBI की जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
सालों तक भारत की सबसे सफल और अमीर लिस्टेड कंपनियों में गिनी जाने वाली बेंगलुरु की इस कंपनी पर सेबी की जांच में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगे हैं…
राजस्व को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना: आरोप है कि कंपनी ने समूह स्तर (Group Level) पर अपनी जो आय दिखाई थी, उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा वास्तविक रिकॉर्ड और दस्तावेजों से मैच नहीं खा रहा है। यह अंतर करीब 15 लाख करोड़ रुपये की फर्जी कमाई दिखाने जैसा बताया जा रहा है।
जांच में सहयोग न करना: सेबी ने अपने आदेश में साफ कहा है कि कंपनी प्रबंधन ने व्यापक वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान नियामक के साथ किसी भी तरह का सहयोग नहीं किया।
कार्रवाई के बाद दलाल स्ट्रीट पर हड़कंप, शेयरों में लगा लोअर सर्किट
सेबी की इस कड़े एक्शन की खबर जैसे ही बाजार में फैली, राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों को खरीदने वाला कोई नहीं बचा। गुरुवार के कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई:
5% की भारी गिरावट: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर अपने पिछले बंद 110.15 रुपये की तुलना में सीधे 4.99 प्रतिशत टूटकर 104.65 रुपये पर खुला।
लोअर सर्किट पर लॉक: बाजार खुलते ही शेयरों में 5 प्रतिशत का लोअर सर्किट लग गया और ट्रेडिंग फ्रीज हो गई।
52-हफ्ते का स्तर: कंपनी के शेयरों का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर (High) 239 रुपये है, जबकि न्यूनतम स्तर (Low) 80.11 रुपये दर्ज किया गया है।
निवेशकों के लिए बड़ा झटका: राजेश एक्सपोर्ट्स की सालाना आय अक्सर भारत की टॉप लिस्टेड कंपनियों की कतार में खड़ी रहती थी। ऐसे में सेबी द्वारा आय को सत्यापित न कर पाने की बात कहना, रिटेल और संस्थागत दोनों ही तरह के निवेशकों के भरोसे पर एक बड़ी चोट है।
आगे क्या होगा?
सेबी ने फिलहाल अंतरिम आदेश जारी कर प्रमोटर राजेश मेहता और कंपनी पर कई तरह के प्रतिबंध (Ban) लगा दिए हैं। इस मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद कंपनी पर भारी जुर्माना या बाजार से हमेशा के लिए बैन करने जैसी बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। निवेशकों को फिलहाल इस शेयर से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है।