चंडीगढ़: हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े 661 करोड़ रुपये के कथित सरकारी फंड घोटाले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने बड़ा कदम उठाया है। जांच के तहत 6 जून को चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर के छह ठिकानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई सरकारी धन की कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में की गई, जिसमें बैंकिंग चैनलों के जरिए फंड के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं।
हरियाणा के 8 और चंडीगढ़ के 2 विभाग जांच के दायरे में
जांच में हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के फंड में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक पड़ताल में चंडीगढ़ नगर निगम और क्रेस्ट चंडीगढ़ से जुड़े खातों में भी वित्तीय गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों और कंपनी परिसरों पर भी छापेमारी
जांच एजेंसी ने हरियाणा कैडर के कुछ वरिष्ठ लोक सेवकों के आवासों की भी तलाशी ली। इसके अलावा एक निजी कंसल्टेंसी कंपनी और उसके निदेशक से जुड़े परिसरों पर भी कार्रवाई की गई। जांच का फोकस उन वित्तीय लेनदेन पर है, जिनके जरिए सरकारी धन के ट्रांसफर और उपयोग को लेकर सवाल उठे हैं।
दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड जब्त
तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, संपत्ति संबंधी कागजात और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि कथित तौर पर हेराफेरी की गई रकम कुछ खातों के जरिए निजी खातों तक पहुंचाई गई।
बैंक अधिकारियों और लोक सेवकों की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोक सेवकों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर खातों के संचालन, धन हस्तांतरण और राशि के डायवर्जन में कथित मदद की। आरोप है कि इसके बदले उन्हें अनुचित लाभ मिला। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
पहले ही दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
यह मामला हरियाणा विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो से स्थानांतरित एक केस और चंडीगढ़ पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में दर्ज दो मामलों से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी पहले ही पंचकूला की विशेष अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।
जल्द दाखिल हो सकती है सप्लीमेंट्री चार्जशीट
जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 661 करोड़ रुपये के सरकारी फंड की कथित हेराफेरी की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना है।