अगर आप सोच रहे हैं कि 1 फरवरी सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख है, तो आप बड़ी गलती कर रहे हैं। जैसे ही घड़ी की सुइयां रात के 12 बजाएंगी, भारत के करोड़ों लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े नियम पूरी तरह बदल जाएंगे। सरकार ने चुपचाप उन फाइलों पर मुहर लगा दी है, जिनका सीधा असर आपकी गाड़ी की रफ्तार और आपके सपनों के आशियाने पर पड़ने वाला है।
FASTag का नया ‘चेक-मेट’:
क्या आप भी FASTag में फर्जीवाड़ा या गलत जानकारी देकर टोल बचाते थे? अब आपकी चालाकी नहीं चलेगी। NHAI ने 1 फरवरी से पूरा खेल बदल दिया है। अब KYV मतलब Know Your Vehicle का नया चक्रव्यूह तैयार है। अब बैंक टैग देने से पहले सीधे सरकारी डेटाबेस (VAHAN) से आपकी गाड़ी की कुंडली निकालेंगे। अगर डेटा मैच नहीं हुआ, तो हाईवे पर आपका सफर बीच में ही रुक सकता है। बिना सही वेरिफिकेशन के अब FASTag ‘ब्लैकलिस्ट’ होने का खतरा बढ़ गया है।
जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री
प्रॉपर्टी के खेल में जालसाजी करने वालों की अब खैर नहीं। 1 फरवरी से उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में रजिस्ट्री के नियम बेहद ‘खतरनाक’ स्तर तक सख्त होने जा रहे हैं। अब सिर्फ कागजों से काम नहीं चलेगा, बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन की तलवार लटक गई है।
खरीदार हो या बेचने वाला, जब तक मशीन पर अंगूठा नहीं लगेगा और आंखों की पुतलियां स्कैन नहीं होंगी, तब तक एक इंच जमीन भी इधर-उधर नहीं होगी।
सब्सिडी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’?
गैस सिलेंडर से लेकर सरकारी राशन तक, अगर आपने अपने आधार को पोर्टल पर अपडेट नहीं किया है, तो 1 तारीख से आपकी सब्सिडी हवा हो सकती है। सरकार अब ‘घोस्ट बेनेफिशियरीज’ (फर्जी लाभार्थियों) को सिस्टम से बाहर निकालने के लिए E-KYC को अनिवार्य कर चुकी है।