नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरे दौर में फ्रोजन और रेडी-टू-ईट फूड्स का चलन तेजी से बढ़ा है। कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाले ये खाद्य पदार्थ समय तो बचाते हैं, लेकिन सेहत पर इनका असर चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है। डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट अनु अग्रवाल के मुताबिक, फ्रोजन फूड्स का बार-बार और अधिक मात्रा में सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में इन्हें अपनी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बनाने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
फल, सब्जियां और कई अन्य खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए बेहद कम तापमान पर स्टोर किया जाता है। इससे उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। फ्रोजन मटर, पालक, ब्रोकली, स्ट्रॉबेरी जैसी चीजों के साथ-साथ कई रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ भी इसी श्रेणी में आते हैं।
विशेषज्ञ अनु अग्रवाल के अनुसार, सभी फ्रोजन फूड्स नुकसानदायक नहीं होते। यदि उनमें अधिक मात्रा में प्रिजर्वेटिव्स और कृत्रिम रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो उनका सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है। हालांकि लंबे समय तक स्टोर किए गए और अत्यधिक प्रोसेस्ड फ्रोजन फूड्स में कई जरूरी पोषक तत्व कम हो सकते हैं। खासतौर पर विटामिन-सी और विटामिन-बी जैसे पानी में घुलने वाले विटामिन फ्रीजिंग के दौरान प्रभावित हो सकते हैं।
डाइटीशियन के मुताबिक, कई फ्रोजन स्नैक्स और रेडी-टू-ईट फूड्स में हाइड्रोजेनेटेड पाम ऑयल, ज्यादा नमक, अतिरिक्त चीनी और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। अधिक सोडियम हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ा सकता है, जबकि ज्यादा चीनी मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्याओं की वजह बन सकती है। लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन हृदय रोगों का जोखिम भी बढ़ा सकता है।
फ्रीजिंग और प्रोसेसिंग की प्रक्रिया के दौरान कई विटामिन और मिनरल्स की मात्रा घट सकती है। ऐसे में नियमित रूप से फ्रोजन फूड्स पर निर्भर रहने से शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता।
अगर फ्रोजन फूड्स को सही तापमान पर स्टोर नहीं किया गया हो या एक्सपायरी डेट के बाद इस्तेमाल किया जाए, तो उनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
फ्रोजन फूड खरीदने से पहले पैकेट पर लिखी पोषण संबंधी जानकारी जरूर पढ़ें। कम नमक, कम चीनी और कम सैचुरेटेड फैट वाले उत्पादों को प्राथमिकता दें। खरीदने से पहले एक्सपायरी डेट जरूर जांचें और ऐसे उत्पादों से बचें जिनमें अधिक मात्रा में सॉस, मसाले या प्रिजर्वेटिव्स मिले हों।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फ्रोजन सब्जियों को इस्तेमाल से पहले हल्का उबाल लें। वहीं, रेडी-टू-ईट फूड्स को अच्छी तरह गर्म या पकाकर ही खाएं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए ताजे फल और सब्जियों को प्राथमिकता दें और फ्रोजन फूड्स का सेवन केवल कभी-कभार ही करें।
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