नई दिल्ली। दिल्ली के विवेक विहार में हुई भीषण आगजनी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बिल्डिंग में लगे एयर कंडीशनर (AC) में हुए धमाके ने आग में घी का काम किया, जिससे यह हादसा जानलेवा बन गया। इस हृदयविदारक घटना में अब तक 9 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
गर्मी के इस सीजन में अगर आप भी दिन-रात AC चला रहे हैं, तो यह खबर आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए पढ़ना बेहद जरूरी है।
क्यों ‘सुलगता बम’ बन जाता है आपका AC?
विशेषज्ञों के अनुसार, AC कोई साधारण मशीन नहीं बल्कि एक हाई-पावर डिवाइस है। इसमें होने वाली छोटी सी लापरवाही इसे विस्फोटक बना सकती है:
खतरनाक गैस लीकेज: AC में इस्तेमाल होने वाली रेफ्रिजरेंट गैसें (जैसे R32) ज्वलनशील हो सकती हैं। अगर कॉइल्स में लीकेज है और पास में कोई स्पार्क (चिंगारी) हो जाए, तो AC किसी बम की तरह फट सकता है।
पुराना कंप्रेसर और ओवरहीटिंग: जब हम घंटों बिना ब्रेक के AC चलाते हैं, तो कंप्रेसर का तापमान खतरे के निशान से ऊपर चला जाता है। धूल जमी होने के कारण कूलिंग सिस्टम फेल होता है और दबाव बढ़ने से ब्लास्ट हो जाता है।
घटिया वायरिंग और शॉर्ट सर्किट: विवेक विहार जैसी घटनाओं में अक्सर देखा गया है कि वायरिंग पुरानी होती है या लोड सहने लायक नहीं होती। लूज कनेक्शन की वजह से होने वाली स्पार्किंग ही आग की पहली वजह बनती है।
क्या हैं वो 5 गलतियां जो पड़ सकती हैं भारी?
- लोकल मैकेनिक से गैस रिफिलिंग: सस्ते के चक्कर में अनधिकृत टेक्नीशियन से गैस भरवाना जानलेवा हो सकता है। वे अक्सर मिलावटी या गलत प्रेशर वाली गैस भर देते हैं।
- एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल: AC को कभी भी साधारण प्लग या एक्सटेंशन बोर्ड से न जोड़ें। इसके लिए हमेशा 16A का मजबूत सॉकेट और अलग सर्किट होना चाहिए।
- सर्विसिंग में देरी: अगर आपने सीजन शुरू होने पर सर्विस नहीं कराई है, तो गंदे फिल्टर्स और चोक कॉइल्स कंप्रेसर पर 30% ज्यादा दबाव डालते हैं।
- लगातार घंटों तक चलाना: मशीन को भी आराम चाहिए। 8-10 घंटे के उपयोग के बाद कम से कम 1 घंटा AC को बंद रखें।
- अजीब आवाजों को अनदेखा करना: अगर AC से ‘हिसिंग’ (Hissing) जैसी आवाज आए या चलने पर खट-खट की आवाज हो, तो समझ लें कि खतरा करीब है।
सुरक्षा कवच: कैसे रहें सुरक्षित?
- हर 3 महीने में फिल्टर साफ करें: आप खुद भी फिल्टर्स को पानी से धोकर एयरफ्लो बेहतर रख सकते हैं।
- प्रोफेशनल ऑडिट: साल में एक बार सर्टिफाइड इंजीनियर से पूरे सिस्टम की जांच कराएं।
- क्वालिटी पार्ट्स: हमेशा ब्रांडेड कैपेसिटर और ओरिजिनल वायर का ही चुनाव करें।
विशेषज्ञ की माने तो “विवेक विहार का हादसा एक चेतावनी है। AC की कूलिंग से ज्यादा उसकी कंडीशनिंग पर ध्यान दें। आग लगने की स्थिति में सबसे पहले मेन स्विच बंद करें और तुरंत बाहर निकलें।”
विवेक विहार अग्निकांड: रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी बातें
विवेक विहार की उस बिल्डिंग में जब आग लगी, तो मंजर बेहद खौफनाक था। सर्च ऑपरेशन के दौरान जो जानकारी सामने आई है, वह इस प्रकार है:
- कहां लगी आग: आग बिल्डिंग के छह अलग-अलग फ्लैट्स में रखे घरेलू सामान में लगी थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
- कितने शव मिले: अब तक बिल्डिंग के अलग-अलग हिस्सों से कुल 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। ये सभी लोग आग में बुरी तरह झुलस गए थे।
- बिल्डिंग में कहां-कहां मिले शव:
- पहली मंजिल: यहां से 1 शव बरामद हुआ।
- दूसरी मंजिल: यहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जहां से 5 शव मिले।
- सीढ़ियों की मुमटी: 3 शव सीढ़ियों के ऊपरी हिस्से (मुमटी) में मिले। दुख की बात यह है कि मुमटी का दरवाजा बंद था, जिसके कारण ये लोग बाहर नहीं निकल पाए और वहीं फंस गए।