नई दिल्ली/जयपुर। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के मैदान पर जहां छक्कों की बारिश हो रही है, वहीं बिजनेस के मैदान पर एक ऐसी डील हुई है जिसने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया है। भारतीय मूल के अरबपति और दुनिया के ‘स्टील किंग’ कहे जाने वाले लक्ष्मी मित्तल (Lakshmi Mittal) के परिवार ने राजस्थान रॉयल्स (RR) की कमान संभाल ली है।
मित्तल परिवार ने 15,660 करोड़ रुपये ($1.65 बिलियन) की ऐतिहासिक डील के जरिए राजस्थान रॉयल्स में सबसे बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है। यह आईपीएल के इतिहास की अब तक की सबसे महंगी टीम ट्रांजेक्शन में से एक मानी जा रही है।
मित्तल और पूनावाला का ‘महा-गठबंधन’
इस डील की सबसे खास बात दो दिग्गज बिजनेस घरानों का साथ आना है। लक्ष्मी मित्तल ने यह अधिग्रहण अकेले नहीं, बल्कि ‘वैक्सीन किंग’ कहे जाने वाले सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) के साथ मिलकर किया है।
किसे कितनी मिली हिस्सेदारी?
- मित्तल फैमिली: लगभग 75% मैजोरिटी स्टेक (नियंत्रक हिस्सेदारी)।
- अदार पूनावाला: करीब 18% हिस्सा।
- अन्य निवेशक: बाकी बचा हुआ हिस्सा अन्य छोटे शेयरधारकों के पास होगा।
- राजस्थानी मिट्टी से ‘रॉयल्स’ के मालिक तक का सफर
लक्ष्मी मित्तल के लिए यह डील सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि भावनाओं से भी जुड़ी है। मित्तल का जन्म और पालन-पोषण उत्तरी राजस्थान के सादुलपुर में हुआ था। अपनी मिट्टी की टीम को खरीदना उनके लिए घर वापसी जैसा है।
लक्ष्मी मित्तल की ताकत (Networth):
फोर्ब्स के मुताबिक, मित्तल 28.4 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ भारतीय अमीरों की लिस्ट में चौथे पायदान पर हैं। वे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी आर्सेलर मित्तल के संस्थापक हैं। हाल ही में उन्होंने ब्रिटेन छोड़ने और दुबई व यूएई में अपना बेस बनाने के फैसले से सुर्खियां बटोरी थीं।
मनोज बदले से मित्तल के पास पहुंची कमान
राजस्थान रॉयल्स के शुरुआती दिनों से जुड़े मनोज बदले और उनके ग्रुप ने अपनी हिस्सेदारी मित्तल परिवार को बेचने पर सहमति जताई है। इस सौदे के बाद टीम की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मित्तल और पूनावाला जैसे वैश्विक नामों के जुड़ने से राजस्थान रॉयल्स अब ग्लोबल स्पोर्ट्स ब्रांड बनने की दिशा में कदम बढ़ाएगी।