किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला किसान, महिंदर कौर, पर टिप्पणी करना बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के लिए भारी पड़ता जा रहा है। बठिंडा की एक अदालत ने कंगना की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए पेश होने की बात कही थी और अब कोर्ट ने उन्हें 15 जनवरी को खुद कोर्ट में हाजिर होने का आखिरी अल्टीमेटम दिया है।
80 साल की महिंदर कौर ने मीडिया से बात करते हुए गुस्से में कहा कि अगर कंगना इस बार भी नहीं आईं, तो उन्हें ‘जुंडियां तों फड़ के लावांगे’ मतलब बालों से पकड़कर कोर्ट में लेके आएँगे| उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। जिसपे कंगना ने सुरक्षा का हवाला दिया था, जिस पर महिंदर कौर ने तंज कसा कि किसानों के पास इतना फालतू समय नहीं है कि वे उन्हें नुकसान पहुँचाएं।
जिसके बाद कंगना के बार-बार कोर्ट न आने की वजह से अब उन पर विदेश जाने की पाबंदी लगाने की मांग भी उठ रही है। और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी कंगना को राहत देने से मना कर दिया था और कहा था कि उन्होंने एक बुजुर्ग महिला के सम्मान को ठेस पहुँचाया है।
विवाद क्या था?
साल 2020 में कंगना ने महिंदर कौर की फोटो शेयर कर उन्हें शाहीन बाग वाली ‘दादी’ बताया था और कहा था कि ऐसी महिलाएं 100-100 रुपये लेकर विरोध प्रदर्शन में आती हैं। इसी बात से नाराज होकर महिंदर कौर ने मानहानि का केस कंगना के खिलाफ दर्ज कराया था।
अब आगे क्या होगा?
अगर कंगना 15 जनवरी को बठिंडा कोर्ट में पेश नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी हो सकता है, जिसका मतलब है कि उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।