अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए साफ कर दिया कि अमेरिका “बहुत जल्द” मध्य पूर्व में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। उनका कहना है कि अमेरिका जल्द ही दूसरा विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) मिडिल ईस्ट भेजेगा।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford, जो अभी कैरिबियन सागर में तैनात है, जल्द ही मध्य पूर्व के लिए रवाना होगा। यह परमाणु रिएक्टर से चलने वाला विशाल युद्धपोत है और एक साथ 75 से ज्यादा सैन्य विमान ले जा सकता है।
यह जहाज पहले से क्षेत्र में मौजूद USS Abraham Lincoln का साथ देगा। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने वहां गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर, फाइटर जेट और निगरानी विमान भी बढ़ा दिए हैं।
ट्रंप ने बातचीत के मोर्चे पर उम्मीद जताई कि ईरान के साथ चल रही वार्ताएं सफल हो सकती हैं, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि अगर डील नहीं हुई तो सैन्य विकल्प तैयार हैं। ओमान में हाल ही में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत के बाद यह कदम उठाया जा रहा है, जहां ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर चर्चा हुई थी।
कुल मिलाकर, एक तरफ बातचीत जारी है, तो दूसरी तरफ अमेरिका सैन्य ताकत दिखाने से भी पीछे नहीं हट रहा। ऐसे में मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है।