मुसीबत में अनिल अंबानी
रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) और पूर्व में उसके डायरेक्टर रहे अनिल अंबानी एक नई मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं. अभी हाल ही में यस बैंक के लोन फ्रॉड मामले में सीबीआई और ईडी ने अनिल अंबानी से जुड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की थी. और अब बैंक ऑफ बड़ौदा ने जानकारी दी है कि उन्होंने आरकॉम के कुछ कर्जों को धोखाधड़ी की श्रेणी में डाल दिया है.
यह फैसला उन कर्जों को लेकर लिया गया है जो कंपनी के दिवालियापन प्रक्रिया में शामिल होने से पहले दिए गए थे. बैंक ने ये सूचना शेयर बाजार को शुक्रवार को दी. हालांकि आरकॉम ने यह साफ़ कहा है कि ये सभी कर्ज़ उस समय के हैं जब दिवालियापन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी. अब इनका समाधान या तो तय योजना के अनुसार या किसी अन्य वैकल्पिक तरीके से होना चाहिए. फिलहाल कंपनी का संचालन रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल अनीश निरंजन नानावटी संभाल रहे हैं। अनिल अंबानी अभी कंपनी के निदेशक बोर्ड का हिस्सा नहीं हैं.
आरकॉम ने आरोपों को बताया झूठा
कंपनी ने बताया कि कर्ज समाधान योजना को लेनदारों की समिति (CoC) से हरी झंडी मिल चुकी है और अब इसकी मंजूरी के लिए मामला राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में लंबित है. अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने बताया कि ‘बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और अनिल अंबानी से जुड़े कर्ज खातों को जिस श्रेणी में डाला गया है. वह 12 साल पुराने मामलों से जुड़ा है, जो वर्ष 2013 के आसपास के हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अंबानी वर्ष 2006 से 2019 के बीच केवल गैर-कार्यकारी निदेशक थे और कंपनी के रोज़मर्रा के संचालन या फैसलों में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी’.
अनिल अंबानी की कंपनियों पर ED की नजर
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े संदिग्ध कर्ज मामलों की जांच कर रहा था. बताया जा रहा है कि ED ने करीब 12 से 13 बैंकों से रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस, आरकॉम और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस से संबंधित कर्ज के दस्तावेज मंगवाए हैं. इन मामलों में कथित धोखाधड़ी की कुल रकम लगभग 17,000 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है. इसके पहले, जून 2024 में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आरकॉम के लोन अकाउंट्स को फ्रॉड कैटेगरी में रखा था. इसके बाद 24 अगस्त को बैंक ऑफ इंडिया ने भी यही कदम उठाया और आरोपों में अनिल अंबानी का नाम लिया गया. बैंक ने कथित तौर पर फंड डायवर्जन और ऋण शर्तों के उल्लंघन की बात कही थी. बैंक ऑफ बड़ौदा का कहना है कि वो इस जांच से जुड़ी रिपोर्ट भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सहित सभी संबंधित नियामक संस्थाओं को सौंपेगा.
अनिल अंबानी पहले से ही सीबीआई और ईडी के रडार पर हैं, उसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के मामला के सामने आने के बाद उनकी मुसीबत और बढ़ सकती है.
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