Trending News

नई सरकार की शपथ लेने के बाद से ही खुलने लगे आवामी लीग के दफ्तर, भारत से मिलीभगत का आरोप

बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है। तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद की शपथ लिए अभी तीन दिन ही हुए हैं, लेकिन विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। संसद में विपक्ष के मुख्य सचेतक और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे आरोप लगा दिया कि बीएनपी सरकार की “हरी झंडी” के बिना अवामी लीग के दफ्तर दोबारा नहीं खुल सकते।

नाहिद का दावा है कि जिन जिलों में Awami League के खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं और पार्टी पर प्रतिबंध है, वहां उनके कार्यालयों का दोबारा खुलना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने यहां तक कहा कि हालिया चुनाव में भारत, अवामी लीग और बीएनपी के बीच “मिलीभगत” हुई, ताकि अवामी लीग को फिर से राजनीतिक स्पेस दिया जा सके। हालांकि बीएनपी ने इन आरोपों पर अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

चुनाव नतीजे और सियासी गणित

12 फरवरी को हुए आम चुनाव में Bangladesh Nationalist Party ने जबरदस्त जीत दर्ज की। पार्टी को 209 सीटें मिलीं और सहयोगियों के साथ उसका आंकड़ा और मजबूत हो गया। जमात-ए-इस्लामी 68 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी, जबकि एनसीपी को छह सीटें मिलीं। अवामी लीग चुनाव से प्रतिबंधित रही।

17 फरवरी को संसद परिसर के साउथ प्लाजा में तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसी बीच खुलना और हबीगंज में अवामी लीग के दफ्तर फिर से खुलने की खबरें आईं। कुछ जगहों पर झंडा फहराया गया, तो कहीं आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हो रही हैं और अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

भारत कनेक्शन और आगे की राह

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तारिक रहमान को बधाई दी है और द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने की बात कही है। शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व भी हुआ। लेकिन नाहिद इस्लाम के आरोपों से भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर नई बहस शुरू हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक सुधार की है। 2024 के छात्र आंदोलन और अंतरिम सरकार के दौर के बाद जनता स्थिरता चाहती है। ऐसे में अगर अवामी लीग के मुद्दे पर सियासत और गरमाती है, तो सरकार के लिए हालात संभालना आसान नहीं होगा।

फिलहाल बांग्लादेश की सियासत में नई सरकार, पुरानी पार्टी और नए आरोपों का त्रिकोण बन गया है। आने वाले दिनों में साफ होगा कि यह महज राजनीतिक बयानबाजी है या फिर देश की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है।

news desk

Recent Posts

*5 घंटे के धरने के बाद बड़ा मोड़! राहुल गांधी की मांग पर पैलेट गन केस में FIR की तैयारी*

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला शुक्रवार को…

45 minutes ago

UP T20 League: ग्रीन पार्क में 49 रुपये में मैच देखेंगी छात्राएं, 28 अगस्त से शुरू होगा क्रिकेट का रोमांच

कानपुर।कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में एक बार फिर क्रिकेट का रोमांच लौटने वाला है।…

59 minutes ago

IND vs SL 2nd Test: कुलदीप यादव की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई टेंशन, सारांश जैन की स्पिन से प्लेइंग XI पर उठे सवाल

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो…

1 hour ago

NASA का Swift Telescope अब नहीं बचेगा? रेस्क्यू मिशन फेल, साल के अंत तक धरती पर गिरने का खतरा

नई दिल्ली। नासा के Swift Observatory Telescope को बचाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा…

2 hours ago

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सीएम योगी से की मुलाकात, सांस्कृतिक संबंधों और यूपी में निवेश पर हुई चर्चा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर…

2 hours ago

Badminton World Championship: ट्रिसा-गायत्री ने रचा इतिहास, भारत का पहला मेडल पक्का; चीन की चौथी सीड जोड़ी को हराया

नई दिल्ली। बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। महिला डबल्स…

3 hours ago