नई दिल्ली: बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड आज यानी 2 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे घोषित करने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही शेयर बाजार में इसके स्टॉक पर दबाव साफ नजर आ रहा है। रिजल्ट्स से पहले कंपनी के शेयर में गिरावट देखी गई है। बीएसई पर शेयर करीब 1.8 से 2 फीसदी टूटकर 88 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि एनएसई पर भी इसमें 1.5 से 2.8 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई। शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर 87.11 रुपये के करीब पहुंच चुका है और अपने पीक लेवल से अब तक 53 फीसदी से ज्यादा फिसल चुका है। हालांकि आईपीओ प्राइस 70 रुपये से अब भी यह करीब 27 फीसदी ऊपर बना हुआ है।
ब्रोकरेज हाउस भले ही शेयर की मौजूदा चाल को लेकर सतर्क हों, लेकिन तिमाही नतीजों को लेकर उनका रुख काफी हद तक पॉजिटिव है। अनुमान लगाया जा रहा है कि दिसंबर 2025 तक कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट सालाना आधार पर करीब 23 फीसदी बढ़कर लगभग 1.33 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं, लोन डिस्बर्समेंट्स में भी मजबूत उछाल देखने को मिल सकता है और यह करीब 31 फीसदी बढ़कर 16,500 करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है।
नतीजों पर टिकी बाजार की नजर
नेट इंटरेस्ट इनकम में 22 से 24 फीसदी तक की सालाना ग्रोथ की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि मुनाफे यानी PAT में भी 19 से 23 फीसदी तक बढ़त संभव मानी जा रही है। हालांकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर थोड़ा दबाव रह सकता है और इसमें मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। राहत की बात यह है कि एसेट क्वालिटी को लेकर फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा और एनपीए स्तर स्थिर रहने की उम्मीद है।
कंपनी ने जनवरी में जारी बिजनेस अपडेट में मजबूत ग्रोथ के संकेत दिए थे, लेकिन निवेशकों की असली नजर अब मैनेजमेंट की कमेंट्री और आगे के गाइडेंस पर होगी। ब्रोकरेज लंबी अवधि में स्टॉक को लेकर अब भी बुलिश हैं, मगर निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि नतीजों और कॉन्फ्रेंस कॉल के बाद ही कोई बड़ा फैसला लें, क्योंकि बाजार का मूड फिलहाल बदला-बदला सा नजर आ रहा है।