पूर्व राज्यसभा सांसद और पत्रकार शाहिद सिद्दीकी के एक फेसबुक पोस्ट ने यूपी की सियासत में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि समाजवादी नेता आजम खान ने खुद उन्हें बताया कि सीतापुर जेल में उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्लाह को खाने में स्लो पॉइजन दिया जा रहा था. आजम के मुताबिक मकसद था उन्हें उसी तरह खत्म करना, जैसे मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर आरोप लगे थे. शाहिद ने उनकी तस्वीर भी अस्पताल से साझा की, जहां आजम इस वक्त इलाज करा रहे हैं.
आजम खान करीब 23 महीने जेल में रहे और जमानत पर बाहर आने के बाद अब दिल्ली के एक अस्पताल में हैं. उनके मुताबिक, जैसे ही उन्हें शक हुआ कि खाने में कुछ गड़बड़ है, उन्होंने जेल का खाना छोड़कर खुद खाना बनाना शुरू कर दिया. उनका कहना है कि बीजेपी उनके पूरे परिवार को खत्म करना चाहती थी. उन्होंने पत्रकार को ये भी बताया कि उनकी पत्नी तंजीन फातिमा भी निशाने पर थीं.
हालांकि ये बातें आजम खान ने किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं कही हैं, और जेल प्रशासन ने भी अब तक इस मामले पर कुछ नहीं बोला है. यानी दावे गंभीर हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है. मुख्तार अंसारी केस से तुलना होने के कारण यह बात और भी संवेदनशील हो गई है.
इसी बीच सियासी हलचल भी तेज हो गई है. बाहर आने के बाद आजम खान के बसपा में जाने की अटकलें थीं, लेकिन उन्होंने खुद कह दिया कि ऐसा कुछ नहीं है. उन्होंने दो टूक कहा कि वे चाहते हैं कि अखिलेश यादव फिर से यूपी के मुख्यमंत्री बनें. दिलचस्प बात ये है कि 8 अक्टूबर को अखिलेश खुद रामपुर जाकर आजम से मिलने वाले हैं. अब इस मुलाकात से पहले ऐसा विवादित बयान सामने आना कई नए सवाल खड़े कर रहा है.