असम कांग्रेस राजनीतिक ड्रामा
असम कांग्रेस में सोमवार को हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेन कुमार बोरा ने अचानक इस्तीफा दे दिया और कुछ ही घंटों बाद उसे वापस भी ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस हाईकमान की सक्रियता सबसे अहम रही। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बोरा से करीब 15 मिनट फोन पर बात की, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद माहौल बदलता दिखा और बोरा ने अपना फैसला पलट दिया।
बताया जा रहा है कि असम कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई भी तुरंत बोरा के गुवाहाटी स्थित घर पहुंचे और यदि पार्टी के किसी फैसले से उन्हें ठेस पहुंची हो तो माफी भी मांगी। पार्टी नेताओं ने बोरा को “पार्टी का एसेट” बताते हुए साफ कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले किसी भी तरह की अंदरूनी फूट कांग्रेस के लिए नुकसानदेह हो सकती है। यही वजह रही कि हाईकमान ने मामले को तुरंत सुलझाने की कोशिश की और बातचीत के जरिए समझौता कराया।
सूत्रों के अनुसार, बोरा ने शुरुआत में इस्तीफा “सेल्फ-रिस्पेक्ट” के मुद्दे पर दिया था और कुछ फैसलों में अनदेखी की शिकायत की थी। हालांकि हाईकमान से भरोसा मिलने के बाद वे संतुष्ट नजर आए और उन्होंने पार्टी के साथ बने रहने का फैसला लिया। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी बयान देकर बोरा को अपनी ओर आने का संकेत दिया था, जिससे सियासी चर्चाएं और तेज हो गई थीं, लेकिन आखिरकार बोरा की वापसी कांग्रेस के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।
असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी एकता की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि सभी मतभेद बातचीत से सुलझा लिए गए हैं और पार्टी अब चुनावी रणनीति पर पूरी ताकत से फोकस करेगी।
मुंबई। लोकतंत्र में असहमति और विरोध के अधिकार को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक…
लखनऊ। राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे पूर्व सांसद विनय कटियार ने सीधे तौर पर…
YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म 'Alpha' आखिरकार सिनेमाघरों में आ चुकी है। आलिया…
सोशल मीडिया पर 'व्यूज' और 'लाइक्स' की भूख लोगों से क्या-कुछ नहीं करवा रही है।…
स्टॉक मार्केट पर आज बुल्स का मूड सेट नजर आ रहा है। हफ्ते के आखिरी…
उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है।…