नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 20वें एशियन गेम्स 2026 के मेडल्स का डिजाइन अपनी कलात्मकता और सांस्कृतिक विरासत के कारण चर्चा में है। इन मेडल्स को एक राष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता के जरिए चुना गया है। जापान के जाने-माने डिजाइनर डाइसुके शीबा ने इसका कॉन्सेप्ट तैयार किया है। यह डिजाइन एशियन गेम्स के आधिकारिक नारे ‘इमेजिन वन एशिया’ और ‘विविधता में एकता’ की थीम पर आधारित है।
किसने डिजाइन किया और क्या है इसके पीछे की सोच?
डाइसुके शीबा ने एशियन गेम्स 2026 के मेडल का डिजाइन तैयार करने के लिए एक अलग तरीका अपनाया। मेडल का अंतिम रूप तय करने से पहले उन्होंने कई सेरामिक डिस्क्स को जानबूझकर तोड़ा और फिर उनके टुकड़ों के आपस में जुड़ने की प्रक्रिया का अध्ययन किया।
शीबा के मुताबिक, एक एथलीट की सफलता तक पहुंचने का सफर सिर्फ जीत का नहीं होता। इसमें असफलता, चोट, संघर्ष और कड़ी मेहनत के कई बिखरे हुए पल शामिल होते हैं। जब ये सभी टुकड़े एक साथ जुड़ते हैं, तो वे सफलता का प्रतीक बन जाते हैं। मेडल का डिजाइन इसी विचार को दर्शाता है।
यह डिजाइन एशिया की अलग-अलग संस्कृतियों और भाषाओं के खेल के एक मंच पर एक साथ आने का भी प्रतीक है।
1. रिसाइकिल्ड ई-कचरे से निकली धातु का इस्तेमाल
एशियन गेम्स 2026 के मेडल्स की सबसे खास बात इनमें इस्तेमाल होने वाली धातु है। पर्यावरण संरक्षण और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए जापान के नगर निगमों की ओर से जमा किए गए पुराने और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कचरे से धातु निकाली गई है।
इसी रिसाइकिल्ड धातु का इस्तेमाल इन मेडल्स को तैयार करने में किया गया है।
2. काकित्सुबाता फूल से प्रेरित है रिबन
मेडल के रिबन पर आइची प्रांत के आधिकारिक फूल ‘काकित्सुबाता’ का सिल्हूट बनाया गया है। इसके घुमावदार पैटर्न एथलीटों के लचीलेपन और शक्ति को दर्शाते हैं।
इस तरह मेडल का रिबन भी जापान के स्थानीय सांस्कृतिक और प्राकृतिक प्रतीकों से जुड़ा हुआ है।
3. हिनोकी लकड़ी से तैयार किया गया बॉक्स
मेडल को रखने के लिए तैयार किया गया बॉक्स भी खास है। इसे आइची की प्रसिद्ध ‘हिनोकी’ लकड़ी से बनाया गया है।
इसका डिजाइन जापान की पारंपरिक चाय संस्कृति से प्रेरित है। यानी मेडल के साथ उसकी पैकेजिंग में भी स्थानीय परंपरा और संस्कृति को जगह दी गई है।
4. 8 सेंटीमीटर है मेडल का डायमीटर
एशियन गेम्स 2026 के सभी मेडल गोलाकार आकार में तैयार किए गए हैं। इनका डायमीटर 8 सेंटीमीटर और मोटाई 5 मिलीमीटर है।
गोलाकार डिजाइन को सभी श्रेणियों के मेडल्स के लिए एक जैसा रखा गया है।
5. कितना है गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल का वजन?
गोल्ड मेडल का वजन करीब 265 ग्राम है। इसमें शुद्ध चांदी पर कम से कम 1 ग्राम सोने की परत चढ़ाई गई है।
वहीं, सिल्वर मेडल करीब 264 ग्राम का है और यह प्योर सिल्वर से बना है। ब्रॉन्ज मेडल का वजन करीब 222 ग्राम है। इसे 95 फीसदी तांबे और 5 फीसदी जिंक से तैयार किया गया है।