शेयर बाजार की घंटी बजते ही 21 अक्टूबर की सुबह एक ऐसा तूफान आया जिसने दलाल स्ट्रीट के हर निवेशक को हैरान कर दिया। Reliance Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का महारिफंडिंग IPO आम निवेशकों की बोली के लिए जैसे ही खुला, बाजार में हलचल तेज हो गई। देखते ही देखते शुरुआती एक घंटे (सुबह 10 बजे) के भीतर ही पूरा इश्यू 83 फीसदी तक सब्सक्राइब हो गया। बड़े संस्थागत निवेशकों की इस अप्रत्याशित आक्रामकता ने बाजार विशेषज्ञों को भी दंग कर दिया है।
30 मिनट में 100% फुल, 1 घंटे में 2.86 गुना बिडिंग
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस विशालकाय इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का दबदबा साफ नजर आया। बोली शुरू होने के महज 30 मिनट के भीतर QIB के लिए आरक्षित पूरा कोटा 100 फीसदी भर गया। इसके बाद भी बड़ी बोलियां आने का सिलसिला रुका नहीं।
सुबह 10 बजे तक QIB कैटेगरी में तय शेयरों के मुकाबले 2.86 गुना बिडिंग दर्ज हो चुकी थी, जिसने पहले ही घंटे की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
रिटेल और NII सुस्त, कर्मचारियों और शेयरधारकों का कैसा रहा रिस्पॉन्स?
जहां एक तरफ बड़े संस्थागत निवेशकों ने पहले घंटे में ही बाजी मार ली, वहीं छोटे यानी रिटेल निवेशकों का रुख थोड़ा धीमा देखने को मिला। सुबह 10 बजे तक रिटेल कोटे में 13 फीसदी और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में 14 फीसदी सब्सक्रिप्शन ही दर्ज हुआ।
हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में 35 फीसदी और मौजूदा शेयरधारकों के कोटे में 26 फीसदी बिडिंग हो चुकी थी। (यह डेटा IPO के पहले दिन सुबह 10 बजे तक का है, जिसमें समय के साथ बदलाव संभव है।)
₹1119 का प्राइस बैंड और Grey Market में ₹268 का प्रीमियम
निवेशकों के लिए इस IPO की मुख्य बातें:
- कुल इश्यू साइज: ₹30,213 करोड़ (पूरी तरह नए शेयर जारी होंगे, कोई OFS नहीं)।
- प्राइस बैंड: ₹1065 से ₹1119 प्रति शेयर।
- फंड का इस्तेमाल: जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी का कर्ज घटाने में होगा।
- ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP): अनौपचारिक बाजार में इसका GMP ₹268 दर्ज किया गया है, जो ₹1119 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से करीब 24 फीसदी के संभावित प्रीमियम का संकेत देता है। (ध्यान दें: GMP केवल अनुमानित होता है और लिस्टिंग भाव की गारंटी नहीं देता।)
Reliance Jio Platforms IPO को पहले ही घंटे में मिले शानदार रिस्पॉन्स ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। खासकर QIB कैटेगरी में जबरदस्त सब्सक्रिप्शन से इश्यू को मजबूत शुरुआत मिली है। हालांकि, रिटेल निवेशकों की भागीदारी अभी अपेक्षाकृत धीमी है। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों में सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों और संभावित लिस्टिंग पर टिकी हैं। ध्यान रहे कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल एक अनौपचारिक संकेत है, लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिमों का आकलन जरूर करें।