प्रमुख टीवी एंकर और रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी का एक ताज़ा बयान इन दिनों मीडिया और सोशल मीडिया, दोनों में ज़ोरदार चर्चा का विषय बना हुआ है। अपने लाइव शो के दौरान अर्णब गोस्वामी ने अरावली पहाड़ियों के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां—जिनमें अडाणी समूह की ओर इशारा माना जा रहा है—अरावली पहाड़ियों को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिसका सीधा असर दिल्ली और एनसीआर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है। गोस्वामी ने कहा कि अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि दिल्ली के लिए “ग्रीन शील्ड” हैं, और इन्हें न बचा पाना शासन और व्यवस्था की बड़ी विफलता है।
“15 करोड़ वाला एंकर” पर सुधीर का तंज
इसी शो में अर्णब गोस्वामी ने एक “15 करोड़ रुपये वाले एंकर” का ज़िक्र करते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार से मोटी रकम पाने वाला कोई एंकर कभी सरकार से असहज सवाल पूछ सकता है। गोस्वामी ने कहा, “क्या आपको लगता है कि सरकार से 15 करोड़ रुपये पाने वाला एंकर ये सवाल पूछेगा? या दूरदर्शन पूछेगा? हम पूछेंगे।” उनका यह बयान सीधे तौर पर डीडी न्यूज़ से हाल ही में जुड़े सुधीर चौधरी की ओर इशारा करता नजर आया, जिनकी सालाना सैलरी 15 करोड़ रुपये बताए जाने की खबरें पहले ही सुर्खियों में हैं। टैक्सपेयर्स के पैसे से ऐसे एंकरों को भुगतान किए जाने और फिर सत्ता से सवाल न पूछे जाने को लेकर गोस्वामी ने कड़ी आपत्ति जताई।
सोशल मीडिया पर ‘गोदी मीडिया’ की लड़ाई
अर्णब गोस्वामी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे “गोदी मीडिया के भीतर की लड़ाई” करार दिया। कुछ पोस्ट्स में यहां तक लिखा गया कि “अर्णब गोस्वामी सुधीर चौधरी पर सर्जिकल स्ट्राइक कर रहे हैं।” वहीं दूसरी ओर, इस बयान के बाद मीडिया जगत में जवाबी हमले भी शुरू हो गए।
सुधीर चौधरी ने बिना नाम लिए एक ट्वीट में कहा कि आजकल कई लोग “ऑड-ईवन” खेल रहे हैं—आज किसी एक पक्ष के साथ, कल दूसरे के साथ। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी सुविधा के हिसाब से रुख बदलते हैं। सोशल मीडिया पर इस ट्वीट को अर्णब गोस्वामी पर सीधा पलटवार माना गया और इस पर भी जमकर बहस हुई। कई यूजर्स ने अर्णब के पुराने रुख को याद दिलाते हुए उनके हालिया सरकार-विरोधी तेवरों पर सवाल उठाए।
अरावली से आगे मीडिया की साख का सवाल
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में सुधीर चौधरी का दूरदर्शन के साथ कथित 15 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट और अर्णब गोस्वामी का अरावली संरक्षण पर केंद्रित शो दोनों ही मुद्दे चर्चा में हैं। जानकारों का मानना है कि यह टकराव सिर्फ दो एंकरों की लड़ाई नहीं, बल्कि भारतीय मीडिया में चल रहे आंतरिक संघर्ष और बदलते राजनीतिक समीकरणों की झलक है, जहां हर मीडिया हाउस और चेहरा अपनी अलग पहचान और पकड़ बनाने की कोशिश में है।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर संबंधित चैनलों या पक्षों की ओर से किसी आधिकारिक बयान का इंतज़ार किया जा रहा है, लेकिन इतना साफ है कि अरावली के मुद्दे से शुरू हुई बहस अब मीडिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता तक पहुंच चुकी है।