Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ‘तेल की जियोपॉलिटिक्स’ का खुलासा, Lindsey Graham के एक बयान ने खड़े किए बड़े सवाल
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ‘तेल की जियोपॉलिटिक्स’ का खुलासा, Lindsey Graham के एक बयान ने खड़े किए बड़े सवाल
Trending Newsवर्ल्ड

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ‘तेल की जियोपॉलिटिक्स’ का खुलासा, Lindsey Graham के एक बयान ने खड़े किए बड़े सवाल

news desk
Last updated: March 9, 2026 6:31 pm
news desk
Share
Lindsey Graham के एक बयान ने खड़े किए बड़े सवाल
Lindsey Graham के एक बयान ने खड़े किए बड़े सवाल
SHARE

मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान को लेकर एक नई बहस तेज हो गई है। हाल ही में आए एक बयान के बाद कई राजनीतिक एक्सपर्ट यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या ईरान को लेकर दशकों से चल रहा टकराव सिर्फ सुरक्षा चिंताओं से जुड़ा है, या इसके पीछे वैश्विक ऊर्जा संसाधनों और तेल की जियो-पॉलिटिक्स भी बड़ी वजह है।

दरअसल, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पिछले करीब तीन दशकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बना हुआ है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और कई अमेरिकी नेताओं ने अलग-अलग समय पर दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब है।

1990 के दशक से लेकर 2000 तक कई बार यह कहा गया कि ईरान जल्द ही न्यूक्लियर बम बना सकता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्टों में अब तक ईरान के पास परमाणु हथियार होने की कोई ठोस पुष्टि नहीं हुई है। इसी वजह से अब ये बहस फिर तेज हो गई है कि आखिर इतने सालो तक ईरान को लेकर रणनीति क्यों अपनाई गई।

इसी बीच अमेरिकी राजनीति के प्रमुख नेता Lindsey Graham का एक बयान चर्चा में आ गया। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ग्राहम ने कहा कि वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों के पास दुनिया के बड़े तेल भंडार हैं और अगर इन संसाधनों में रणनीतिक साझेदारी हो जाए, तो यह वैश्विक शक्ति संतुलन और खासकर चीन के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण परिदृश्य बन सकता है।

इस बयान के सामने आने के बाद कई विशेषज्ञों ने कहा कि मध्य-पूर्व की राजनीति को तेल और ऊर्जा संसाधनों से अलग करके नहीं देखा जा सकता। दुनिया की बड़ी शक्तियों की रणनीतियों में ऊर्जा सुरक्षा हमेशा एक अहम फैक्टर रही है।

इतिहास में भी ऐसे उदाहरण मौजूद हैं जब किसी सैन्य कार्रवाई के पीछे बताए गए कारणों पर बाद में सवाल उठे। साल 2003 में अमेरिका ने इराक पर हमला किया था। उस समय दावा किया गया था कि इराक के पास ‘Weapons of Mass Destruction’ यानी सामूहिक विनाश के हथियार मौजूद हैं। उस दौर में इराक के राष्ट्रपति Saddam Hussein को सत्ता से हटाया गया और बाद में उन्हें फांसी दे दी गई।

हालांकि बाद में कई जांच रिपोर्टों में यह सामने आया कि इराक में ऐसे हथियारों के ठोस सबूत नहीं मिले। इस मुद्दे को लेकर उस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे Tony Blair को भी भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

अब ईरान को लेकर भी कुछ विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह टकराव सिर्फ परमाणु कार्यक्रम को लेकर है, या इसके पीछे मध्य-पूर्व के तेल भंडार, ऊर्जा बाजार और वैश्विक शक्ति संतुलन की राजनीति भी काम कर रही है।

ईरान की राजनीति में सर्वोच्च धार्मिक नेता Ali Khamenei की भूमिका भी इस बहस का अहम हिस्सा है। कई विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की मौजूदा व्यवस्था पश्चिमी प्रभाव को सीमित रखने की कोशिश करती रही है, जबकि पश्चिमी देश ईरान की नीतियों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती मानते हैं।

इस पूरे तनाव का असर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ता है, जहां पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें वैश्विक बाजार से प्रभावित होती हैं।

फिलहाल अमेरिका-ईरान विवाद को लेकर दुनिया भर में अलग-अलग राय सामने आ रही है। एक पक्ष इसे सुरक्षा और परमाणु प्रसार को रोकने की रणनीति मानता है, जबकि दूसरा पक्ष इसे वैश्विक शक्ति संतुलन और ऊर्जा संसाधनों की जियो-पॉलिटिक्स से जोड़कर देख रहा है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: AliKhamenei, BenjaminNetanyahu, geopolitics, GlobalEnergyPolitics, IndianPressHouse, indianpresshouse news, IranAmericaTension, IranIsraelTension, IranNuclearIssue, IranUSConflict, LindseyGrahamStatement, MiddleEastCrisis, MiddleEastPolitics, OilGeopolitics, Trending News, USForeignPolicy, WorldPolitics
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article इंडिगो फ्लाइट में सवा घंटे फंसे रहे यूपी के दोनों डिप्टी सीएम, तकनीकी खराबी के बाद उड़ी फ्लाइट
Next Article DNA chromosomal inversion forming supergenes that accelerate evolution and species diversification DNA में “Flip” से बनते हैं ऐसे Supergenes जो बदल देते हैं पूरी प्रजाति की किस्मत, यही है तेजी से होने वाले Evolution का रहस्य

फीचर

View More

चीन से निकला “Duanju” का वायरस अब भारत में! सोशल मीडिया पर रील्स को पछाड़कर मनोरंजन का नया बादशाह बना ‘माइक्रो ड्रामा’

आज के समय में लोगों के पास मनोरंजन के लिए पहले जितना समय नहीं है। यही कारण है कि छोटे…

By news desk 5 Min Read

महल, पहाड़ और शांत शहर! PM मोदी की यात्रा के बाद चर्चा में आया स्लोवाकिया, जानिए क्या देखें, क्या खाएं और कितना आएगा खर्च

नई दिल्ली: अगर आप ऐसी विदेशी जगह की तलाश में हैं जहां…

3 Min Read

करोड़ों नहीं, छोटे घर में रहते हैं Elon Musk! जानिए क्या खाते हैं, कितनी नींद लेते हैं और कैसी है दुनिया के सबसे चर्चित अरबपति की लाइफस्टाइल

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे चर्चित कारोबारी चेहरों में शामिल एलन मस्क…

3 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

Trending Newsराज्य

पटना-नेपाल कनेक्शन: खान सर कोचिंग फायरिंग केस का मुख्य आरोपी प्रिंस नेपाल में मृत मिला! भाई रौशन आनंद पहले से ही बेऊर जेल में बंद

पटना/विराटनगर। बिहार के चर्चित कोचिंग हब पटना से शुरू हुआ विवाद अब पड़ोसी देश नेपाल तक पहुंच गया है। पटना…

4 Min Read
फीचर

चीन से निकला “Duanju” का वायरस अब भारत में! सोशल मीडिया पर रील्स को पछाड़कर मनोरंजन का नया बादशाह बना ‘माइक्रो ड्रामा’

आज के समय में लोगों के पास मनोरंजन के लिए पहले जितना समय नहीं है। यही कारण है कि छोटे…

5 Min Read
Trending Newsखेल

IND W vs PAK W: क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाएगी टीम इंडिया? कप्तान हरमनप्रीत कौर के दो टूक जवाब ने मचाई खलबली

नई दिल्ली/दुबई। महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 (Women's T20 World Cup) में आज क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा मुकाबला होने…

3 Min Read
Trending News

FIFA World Cup 2026: बिना नेमार उतरी ब्राजील को मोरक्को ने रोका, विनी जूनियर ने बचाई लाज; 92 साल पुराना अनोखा रिकॉर्ड अब भी कायम

लॉस एंजिल्स। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के ग्रुप-सी के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पांच बार…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?