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अमेरिका में लकड़ी के घर तो चीन में कंक्रीट की ऊंची इमारतें, दोनों देशों में क्यों नहीं चलती ईंट से घर बनाने की परंपरा?

नई दिल्ली: भारत में घर बनाने की बात हो तो ईंट, सीमेंट और सरिया का इस्तेमाल सबसे आम नजर आता है। लेकिन अमेरिका और चीन में आवासीय निर्माण का तरीका काफी अलग है। अमेरिका में बड़ी संख्या में घर लकड़ी के ढांचे पर तैयार किए जाते हैं, जबकि चीन के बड़े शहरों में कंक्रीट और स्टील से बनी बहुमंजिला इमारतें आम हैं। दोनों देशों की निर्माण शैली अलग होने के बावजूद एक बात समान है कि घर के मुख्य ढांचे में ईंट का इस्तेमाल प्रमुख निर्माण सामग्री के तौर पर नहीं किया जाता।

अमेरिका में बड़ी संख्या में स्वतंत्र घरों का ढांचा लकड़ी से तैयार किया जाता है। बाहरी और अंदरूनी दीवारों के लिए लकड़ी के फ्रेम के ऊपर अलग-अलग परतें लगाई जाती हैं और अंदर की तरफ ड्राईवॉल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके विपरीत चीन के बड़े शहरों में घनी आबादी और सीमित जमीन के कारण बहुमंजिला आवासीय इमारतों का निर्माण ज्यादा देखने को मिलता है, जिनमें आरसीसी और स्टील का ढांचा प्रमुख होता है।

अमेरिका में कैसे बनते हैं लकड़ी के घर?

अमेरिका में घर बनाने के लिए सॉफ्टवुड और इंजीनियर्ड वुड का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। घर की दीवारों का मूल ढांचा लकड़ी के फ्रेम से तैयार किया जाता है। इसके बाद इस ढांचे पर जरूरत के मुताबिक अलग-अलग परतें लगाकर दीवार को पूरा किया जाता है।

घर के अंदर की तरफ आमतौर पर ड्राईवॉल लगाई जाती है। यह ईंट की दीवार की तुलना में हल्की होती है और इसे लगाने की प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत तेज होती है। इसी वजह से ऐसे घरों का निर्माण कम समय में पूरा किया जा सकता है।

हालांकि अमेरिका के घर पूरी तरह लकड़ी से ही बने हों, ऐसा नहीं है। घर की नींव में कंक्रीट का इस्तेमाल आम है। जिन मकानों में बेसमेंट होता है, वहां भी कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाता है। यानी लकड़ी मुख्य रूप से घर के ढांचे में इस्तेमाल होती है, जबकि नींव और कुछ अन्य हिस्सों में कंक्रीट की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

बारिश और नमी से लकड़ी के घर कैसे बचते हैं?

लकड़ी के घरों को लेकर अक्सर सवाल उठता है कि बारिश और नमी के बावजूद इनकी संरचना लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रहती है। आधुनिक अमेरिकी घरों में लकड़ी को सीधे पानी के संपर्क से बचाने के लिए कई उपाय किए जाते हैं।

बाहरी दीवारों पर जलरोधक झिल्ली और साइडिंग जैसी परतें लगाई जाती हैं। इसके अलावा पेंट और सीलेंट भी नमी को लकड़ी तक पहुंचने से रोकने में मदद करते हैं। घरों की छतों का डिजाइन भी इस तरह तैयार किया जाता है कि बारिश का पानी सीधे दीवारों पर न गिरे।

कई मकानों में छत के किनारे दीवारों से बाहर निकले होते हैं, जिससे बारिश से अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। नींव को भी इस तरह बनाया जाता है कि जमीन की नमी सीधे लकड़ी के ढांचे तक न पहुंचे।

चीन में क्यों बनती हैं कंक्रीट की ऊंची इमारतें?

चीन के बड़े शहरों में आवासीय निर्माण की तस्वीर अमेरिका से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और घनी आबादी के कारण उपलब्ध जमीन का अधिकतम उपयोग करना जरूरी होता है। इसी वजह से बड़े शहरों में बहुमंजिला आवासीय टावर और अपार्टमेंट इमारतें आम हैं।

इन इमारतों का ढांचा आमतौर पर प्रबलित कंक्रीट और स्टील की छड़ों से तैयार किया जाता है। एक ही इमारत में बड़ी संख्या में परिवार रह सकते हैं। ऐसे में अलग-अलग भूखंडों पर स्वतंत्र घर बनाने की तुलना में ऊंची इमारतों में ज्यादा लोगों को आवास देना अधिक व्यावहारिक होता है।

अमेरिका में स्वतंत्र घरों की संख्या ज्यादा क्यों?

अमेरिका के कई हिस्सों में जमीन की उपलब्धता और आवासीय योजना चीन के बड़े शहरों से अलग है। इसी वजह से वहां एक परिवार के लिए बनाए गए स्वतंत्र मकान बड़ी संख्या में देखने को मिलते हैं।

इन घरों के साथ अक्सर गैराज, खुला लॉन और चारों तरफ कुछ अतिरिक्त जगह होती है। घर के भीतर तापमान को नियंत्रित रखने के लिए इंसुलेशन का इस्तेमाल किया जाता है। कई मकानों में केंद्रीय गर्म और ठंडा करने की व्यवस्था भी होती है।

इसलिए अमेरिकी घरों को सिर्फ लकड़ी का घर कहना सही नहीं होगा। लकड़ी के ढांचे के साथ इंसुलेशन, ड्राईवॉल, बाहरी परतें, कंक्रीट की नींव और तापमान नियंत्रण की आधुनिक व्यवस्था मिलकर पूरा मकान तैयार करती है।

क्या लकड़ी के घर 100 साल तक चलते हैं?

सही डिजाइन, निर्माण तकनीक और नियमित रखरखाव के साथ लकड़ी से बने घर लंबे समय तक टिक सकते हैं। अच्छी तरह बनाए और उचित तरीके से रखरखाव किए गए अमेरिकी लकड़ी के मकान 100 साल या उससे अधिक समय तक भी चल सकते हैं।

इसलिए केवल लकड़ी के इस्तेमाल से यह तय नहीं होता कि मकान जल्दी खराब हो जाएगा। उसकी उम्र पर लकड़ी की गुणवत्ता, नमी से सुरक्षा, निर्माण की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव का बड़ा प्रभाव पड़ता है।

क्या अमेरिका और चीन में ईंटों का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता?

ऐसा कहना सही नहीं होगा कि अमेरिका और चीन में ईंट का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुछ निर्माण कार्यों में ईंट या ईंट जैसी सामग्री का इस्तेमाल आज भी होता है। अंतर यह है कि दोनों देशों में घर या इमारत के मुख्य ढांचे के लिए ईंट सबसे प्रमुख सामग्री नहीं है।

अमेरिका में लकड़ी के फ्रेम और ड्राईवॉल ने आवासीय निर्माण में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। वहीं चीन के बड़े शहरों में कंक्रीट और स्टील से तैयार बहुमंजिला इमारतें ज्यादा आम हैं।

इस तरह अमेरिका और चीन में घर बनाने की शैली उनकी जमीन, आबादी, मौसम, निर्माण तकनीक और आवासीय जरूरतों के हिसाब से विकसित हुई है। अमेरिका में लकड़ी के फ्रेम वाले स्वतंत्र घर ज्यादा दिखाई देते हैं, जबकि चीन के बड़े शहरों में कंक्रीट और स्टील की ऊंची आवासीय इमारतें प्रमुख हैं।

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