आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चर्चा हर जगह हो रही है। मोबाइल फोन से लेकर बड़े-बड़े दफ्तरों तक AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अब इसका प्रभाव पत्रकारिता के क्षेत्र में भी साफ दिखाई देने लगा है। AI की मदद से खबरें लिखी जा रही हैं, वीडियो बनाए जा रहे हैं और कुछ ही मिनटों में विभिन्न प्रकार की जानकारियाँ भी जुटाई जा रही है। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है “क्या AI पत्रकारों की नौकरी छीन लेगा?”
AI एक ऐसी तकनीक है जो इंसानों की तरह सोचने और काम करने की कोशिश करती है। आज कई मीडिया संस्थान AI का उपयोग कर रहे हैं। इसकी मदद से खबरों का सार तैयार किया जाता है, इंटरव्यू को लिखित रूप में बदला जाता है और बड़े डेटा का विश्लेषण किया जाता है। इससे पत्रकारों का समय बचता है और काम पहले की तुलना में अधिक तेजी से होता है।
पहले किसी खबर को तैयार करने में कई घंटे लग जाते थे। पत्रकारों को अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटानी पड़ती थी। लेकिन अब AI कुछ ही सेकंड में इंटरनेट से जानकारी आसानी से निकाल लेता और खबर तैयार कर देता है। यही वजह है कि लोग अब मानने लगे हैं कि भविष्य में AI पत्रकारों की जगह ले सकता है।
हालांकि सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। पत्रकारिता केवल खबर लिखने का काम नहीं है। एक पत्रकार लोगों से मिलता है, उनकी समस्याओं को समझता है और घटनाओं की सच्चाई सामने लाने की कोशिश करता है। किसी हादसे या बड़ी घटना के समय मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाना, लोगों से बातचीत करना और उनकी भावनाओं को समझना AI के लिए संभव नहीं है।
AI के पास जानकारी तो हो सकती है, लेकिन उसके पास इंसानों जैसी समझ, अनुभव और संवेदनाएँ नहीं होतीं। वह यह नहीं समझ सकता कि किसी खबर का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा। कई बार AI गलत या भ्रामक जानकारी भी दे सकता है। इसलिए खबरों की जांच-पड़ताल और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए पत्रकारों की आवश्यकता हमेशा बनी रहेगी।
AI को पत्रकारों का दुश्मन नहीं, बल्कि उनका सहायक कहा जा सकता है। यह पत्रकारों के छोटे और समय लेने वाले कामों को आसान बना सकता है। इससे पत्रकारों को अधिक समय मिलेगा ताकि वो खोजी पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहराई से काम कर सकें।
आज पत्रकारिता के छात्रों और पेशेवर पत्रकारों के लिए AI को समझना बेहद जरूरी हो गया है। जिस तरह कंप्यूटर और इंटरनेट ने पत्रकारिता को बदला था, उसी तरह AI भी इस क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रहा है। जो लोग नई तकनीकों को अपनाएंगे और AI के साथ काम करना सीखेंगे, उन्हें भविष्य में और अधिक अवसर मिलेंगे।
भविष्य की पत्रकारिता में AI और इंसान दोनों साथ मिलकर काम करेंगे। AI तेजी से जानकारी जुटाएगा, जबकि पत्रकार अपनी समझ, अनुभव और संवेदनाओं के आधार पर उसे लोगों तक पहुंचाएंगे। इसलिए यह कहना गलत होगा कि AI पत्रकारों की नौकरी पूरी तरह खत्म कर देगा।
एक्सपर्ट्स का इस पर कहना है कि AI पत्रकारिता का भविष्य बदल रहा है, लेकिन पत्रकारों की जरूरत खत्म नहीं कर रहा। तकनीक चाहे जितनी भी आगे बढ़ जाए, सच्चाई की खोज करना, लोगों की आवाज उठाना और समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाना हमेशा एक पत्रकार का ही काम रहेगा। AI पत्रकारों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनके काम को और अधिक प्रभावी और आसान बनाएगा।
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