आज के दौर में अगर सबसे हॉट और हाई-पेइंग करियर कोई है, तो वो है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग। हर कोई इस रेस में शामिल होना चाहता है, यह सोचकर कि इस फील्ड में नौकरी कभी खतरे में नहीं आ सकती। हाल ही में प्रोफेशनल नेटवर्किंग ऐप की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसने टेक वर्ल्ड में हलचल मचा दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में AI और मशीन लर्निंग सेक्टर से जुड़े 66 प्रतिशत कर्मचारियों को यह डर है कि आने वाले 3 से 6 महीनों के भीतर उनकी कंपनी में छंटनी हो सकती है। नौकरी का यह डर सिर्फ AI तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक और कॉर्पोरेट जगत के दूसरे डिपार्टमेंट्स का हाल इससे भी ज्यादा बुरा है:
सेल्स और मार्केटिंग: इस सेक्टर के 68% कर्मचारियों को अपनी नौकरी सबसे ज्यादा खतरे में नजर आ रही है।
प्रोडक्ट और डिजाइन: यहाँ 65% प्रोफेशनल्स लगातार जॉब इनसिक्योरिटी का सामना कर रहे हैं।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग: ट्रेडिशनल इंजीनियरिंग रोल्स में भी यह आंकड़ा 24% से 58% के बीच बना हुआ है।
सर्वे के मुताबिक Salesforce (81%) और Oracle (80%) के कर्मचारियों में लेऑफ का सबसे ज्यादा खौफ देखा गया। इसके बाद Uber (77%) और PayPal (75%) जैसी बड़ी कंपनियां रहीं और वही Zoho जैसी कुछ कंपनियों में यह डर सिर्फ 9% दर्ज किया गया, जो काफी सकारात्मक है।
कर्मचारियों का मानना है कि कंपनियां अब हवा में तीर चलाने के बजाय जमीन पर काम कर रही हैं। उन्हें कंपनी के अंदर से साफ संकेत मिल रहे हैं, ज्यादातर कंपनियों ने नई भर्तियों को पूरी तरह रोक दिया है। प्रोजेक्ट्स के बजट छोटे किए जा रहे हैं और ‘हेडकाउंट’ “कर्मचारियों की संख्या” सीमित की जा रही है। कंपनियां अपने मुनाफे को बढ़ाने के लिए हर संभव खर्च को कम करने पर तुली हैं।
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