Trending News

जंतर-मंतर पर एआई का पहरा! FRS ने स्कैन किए 2500 शातिर अपराधी चेहरे, दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 15 FIR

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम “FRS” और एआई-संचालित हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों की मदद से पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास 2,500 से अधिक ऐसे व्यक्तियों की पहचान की है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस के अनुसार, ये भीड़ का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश में थे।

हाई-टेक निगरानी और 4 FRS यूनिट्स की तैनाती

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए 4 मुख्य प्रवेश और निकास बिंदुओं पर विशेष FRS यूनिट्स स्थापित की गई हैं। ये कैमरे सीधे दिल्ली पुलिस के केंद्रीय अपराध डेटाबेस से जुड़े हुए हैं। जैसे ही कोई ऐसा व्यक्ति कैमरे की जद में आता है जिसका चेहरा हिस्ट्रीशीटर, वांछित आरोपी या रिकॉर्ड में दर्ज ‘बैड कैरेक्टर’ (BC) से मेल खाता है, प्रणाली तुरंत संबंधित पुलिस यूनिट को अलर्ट भेज देती है।

20 जुलाई की हिंसा और कानूनी कार्रवाई

हाल ही में 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन व ‘संसद मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली थी। बैरिकेड्स तोड़ने और पथराव की घटनाओं में 50 से अधिक पुलिसकर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस अब तक कुल 15 एफआईआर दर्ज कर चुकी है और सीसीटीवी व FRS फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान जारी है।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, ने कहा की “हमारा उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों को रोकना बिल्कुल नहीं है। FRS तकनीक का उपयोग केवल उन शातिर और आदतन अपराधियों की धरपकड़ के लिए किया जा रहा है जो भीड़ का सहारा लेकर हिंसा और अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं।”

सुरक्षा और तकनीक का सामंजस्य

जहां एक तरफ पुलिस इस तकनीक को अपराध रोकथाम के रूप में एक मजबूत कदम मान रही है, वहीं पुलिस ने यह भी साफ किया है कि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और बड़े त्यौहारों के दौरान भी दिल्ली में सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस प्रणाली का इस्तेमाल होता रहा है। पुलिस का दावा है कि इस लाइव ट्रैकिंग से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा मिलेगी और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सकेगी।

news desk

Recent Posts

डॉ. उत्कर्ष सिन्हा को उत्तर प्रदेश हॉकी में अहम जिम्मेदारी, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट के साथ लीग की कमान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हॉकी को नई दिशा देने और उभरती प्रतिभाओं को बेहतर अवसर…

2 hours ago

हल्द्वानी विवाद: खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन! अज्ञात के खिलाफ BNS और SC/ST एक्ट में FIR दर्ज, जानें पूरा घटनाक्रम

हल्द्वानी (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन…

3 hours ago

तृषा-विजय की डेटिंग चर्चा के बीच बड़ा विवाद! कंगना का समर्थन, विजय की चेतावनी

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर पर्सनल रिलेशनशिप और सियासत आमने-सामने नजर आ रही…

3 hours ago

सऊदी पर हूतियों का हमला… क्या अब एक्टिव होगा ‘3 देशों’ का रक्षा समझौता?

एक तरफ सऊदी अरब पर हूतियों का बड़ा हमला और दूसरी तरफ कुछ ही हफ्ते…

5 hours ago

जंग के बीच ट्रंप का ‘तेल बम’! कीमतें गिराने का किया बड़ा दावा

अमेरिका-ईरान के जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा दावा किया है,…

7 hours ago