अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव अब खुले युद्ध में बदलता जा रहा है. काबुल में रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया है कि पाकिस्तान के हालिया हमले के जवाब में अफगान बलों ने बड़ी कार्रवाई की है. उनके मुताबिक, इस ‘जवाबी हमले’ में 50 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और करीब 30 घायल हुए हैं.
‘पाकिस्तान में मिल रही ISIS को पनाह’-तालिबान प्रवक्ता
तालिबान सरकार के प्रवक्ता मुजाहिद ने बताया कि अफगान बलों ने 20 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया था, हालांकि संघर्ष समाप्त होने के बाद उन पर से नियंत्रण हटा लिया गया.उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ आत्मरक्षा में की गई थी.
तालिबान प्रवक्ता ने यह भी स्वीकार किया कि झड़प के दौरान उनके नौ सैनिक मारे गए जबकि 20 से ज्यादा घायल हुए. उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वहां मौजूद आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (ISIS) को पनाह मिल रही है.
मुजाहिद ने कहा, ‘आईएसआईएस का मुख्यालय पाकिस्तान में है और उसके प्रशिक्षण केंद्र खैबर पख्तूनख्वाह व बलूचिस्तान में सक्रिय हैं.’
उन्होंने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान ने अपने इलाके से आईएसआईएस का सफाया कर दिया है, इसलिए अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए.
पाकिस्तान की ओर से फिलहाल इस पूरे दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने शनिवार को कहा था कि ‘अफगानिस्तान की कार्रवाई का माकूल जवाब दिया गया है.’
भारत यात्रा पर क्या बोले तालिबानी प्रवक्ता ?
मुजाहिद ने यह भी स्पष्ट किया कि अफगान विदेश मंत्री की हालिया भारत यात्रा किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं है, और इस पर किसी को आपत्ति नहीं करनी चाहिए.
यह घटना डूरंड रेखा पर बढ़ते तनाव की एक और कड़ी मानी जा रही है, जिसने दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक रिश्तों को और बिगाड़ दिया है.