भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज चल रही है. टीम इंडिया पहला टेस्ट हार चुकी है और दूसरे टेस्ट में भी उसके ऊपर हार का खतरा मंडरा रहा है. गुवाहाटी टेस्ट के तीसरे दिन टीम इंडिया मुश्किल में नजर आ रही है.दक्षिण अफ्रीका के 489 रनों के बड़े स्कोर के सामने भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ढहता हुआ दिख रहा है.
ताज़ा समाचार लिखे जाने तक टीम इंडिया ने अपने सात विकेट सिर्फ 128 रन पर गंवा दिए थे। ऐसे में टीम इंडिया एक बड़ी पराजय की ओर बढ़ती हुई दिखाई दे रही है.
बड़ा सवाल यह है कि टीम इंडिया की यह हालत कैसे हुई? टीम चयन पर कई सवाल उठ रहे हैं. माना जा रहा है कि कोच और चयनकर्ताओं की खराब रणनीति की वजह से टीम इंडिया ऐसी स्थिति में पहुंची है. क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार सीधे तौर पर कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.
दरअसल, खिलाड़ियों पर बढ़ते दबाव के बीच अचानक से विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले ने टीम इंडिया के मध्यक्रम को काफी कमजोर कर दिया है। हालत यह है कि इन दोनों के जाने के बाद मध्यक्रम में कोई ऐसा खिलाड़ी नहीं बचा है, जो टीम की बल्लेबाजी को संभाल सके.
इसके अलावा भारतीय टीम मैनेजमेंट ने एक तेज गेंदबाज को टेस्ट टीम से बाहर रखकर दक्षिण अफ्रीका का काम और आसान कर दिया है.
मोहम्मद शमी को लगातार बाहर रखना भी टीम इंडिया को भारी पड़ रहा है. प्रसिद्ध कृष्णा और आकाशदीप जैसे गेंदबाजों के पास उतना अनुभव नहीं है, जितना मोहम्मद शमी के पास है। कोच गौतम गंभीर और अजीत अगरकर लगातार शमी को लेकर गलत फैसले लेते दिख रहे हैं और उन्हें टीम में जगह देने से बच रहे हैं.
जबकि शमी ने रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 विकेट चटकाकर अपनी फॉर्म और फिटनेस दोनों साबित की है. इसके बावजूद उनका बाहर रहना समझ से परे है. शमी अब तक भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट ले चुके हैं और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए ताबड़तोड़ छक्के लगाने में भी माहिर हैं.