Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: 100 राफेल मिलने से यूक्रेन की एयर फोर्स दुनिया की टॉप-टियर लीग में, पर पहला जेट 3 साल बाद—क्या युद्ध इसका इंतज़ार करेगा?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > 100 राफेल मिलने से यूक्रेन की एयर फोर्स दुनिया की टॉप-टियर लीग में, पर पहला जेट 3 साल बाद—क्या युद्ध इसका इंतज़ार करेगा?
Latest News

100 राफेल मिलने से यूक्रेन की एयर फोर्स दुनिया की टॉप-टियर लीग में, पर पहला जेट 3 साल बाद—क्या युद्ध इसका इंतज़ार करेगा?

news desk
Last updated: November 18, 2025 7:16 pm
news desk
Share
क्रेन और फ्रांस की राफेल डील
क्रेन और फ्रांस की राफेल डील
SHARE

कीव/पेरिस: यूक्रेन और फ्रांस ने एक ऐसी डिफेंस डील पर हाथ मिलाया है जिसने दुनिया की सुरक्षा राजनीति में हलचल मचा दी है. ये अभी LOI यानी Letter of Intent है, लेकिन इसका स्केल इतना बड़ा है कि इसे दोनों देशों ने “स्ट्रैटेजिक कमिटमेंट” बताया है. यानी फैसला हो चुका है—अब सिर्फ आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट की औपचारिकता बाकी है.
डील का सबसे चमकदार हिस्सा है 100 राफेल F4 फाइटर जेट, जो फ्रांस का सबसे एडवांस्ड और हाई-टेक मल्टी-रोल विमान है. यह वही जेट है जो लंबी दूरी की बॉम्बिंग, डॉगफाइटिंग और मिसाइल डिफेंस—सबकुछ एक साथ कर सकता है. इसकी एंट्री से यूक्रेन की एयर फोर्स का चेहरा बदल सकता है.
इसके साथ पैकेज में शामिल है 8 SAMP/T एयर डिफेंस सिस्टम, जिनके बारे में कई रिपोर्ट्स कहती हैं कि ये रूसी बैलिस्टिक मिसाइल रोकने में अमेरिकी पैट्रियट से भी बेहतर परफॉर्म करते हैं. इसके अलावा एयर-टू-एयर मिसाइलें, AASM हैमर गाइडेड बॉम्ब्स और SCALP क्रूज मिसाइल जैसे हथियार यूक्रेन की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगे.
सबसे दिलचस्प हिस्सा: ड्रोन्स और इंटरसेप्टर ड्रोन का को-प्रोडक्शन सीधे यूक्रेन में शुरू होगा. यानी यूक्रेन सिर्फ खरीद नहीं रहा, बल्कि फ्यूचर टेक्नोलॉजी में अपना हिस्सा भी बना रहा है.
टाइमलाइन लंबी है—कुल 10 साल की. पहली डिलीवरी 2028-29 में होगी और पूरा प्रोजेक्ट 2035 तक पूरा होने की उम्मीद है. पायलट्स को फ्रांस में ट्रेनिंग दी जाएगी, और जो पहले से मिराज जेट उड़ाते हैं, वे जल्दी राफेल में ढल जाएंगे.

क्यों कहा जा रहा है यह डील गेम-चेंजर?

यूक्रेन की एयर फोर्स अभी पुराने सोवियत MiG-29 और Su-27 पर टिकी है. लेकिन पिछले महीनों में F-16, मिराज-2000 और अब 100 राफेल मिलने से यूक्रेन की हवाई ताकत सीधे यूरोप की टॉप फोर्सेस में शामिल हो सकती है.
ज़ेलेंस्की का प्लान बेहद बड़ा है—

कुल 250+ मॉडर्न जेट्स जिसमें 100 राफेल, 100–150 स्वीडिश ग्रिपेन, F-16, मिराज-2000
राफेल की क्षमताएं भी लाजवाब हैं—4.5 जनरेशन जेट, डेल्टा विंग्स, सुपर मैन्यूवरेबिलिटी, स्टेल्थ फीचर्स और SCALP क्रूज मिसाइल जिससे 500+ किमी दूर टारगेट हिट किया जा सकता है। भारत पहले ही इनकी ताकत का अनुभव कर चुका है.

पैसा कहाँ से आएगा?

डील की कीमत सार्वजनिक नहीं हुई, लेकिन अनुमान है— एक राफेल = 100–150 मिलियन यूरो तो 100 राफेल = 10–15 बिलियन यूरो का मेगा प्रोजेक्ट.
फंडिंग यहां से आएगी:
• EU फंड्स
• फ्रांस के बजट
• रूस के फ्रोजन एसेट्स
• और यूक्रेन में को-प्रोडक्शन से लागत और कम हो सकती है
डील साइन होते ही Dassault Aviation के शेयर 8% बढ़ गए—ये भी दिखाता है कि बाज़ार इसे बड़ा गेम-चेंजर मान रहा है.

रूस शांत क्यों है?

क्रेमलिन ने अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट नहीं दिया है, लेकिन रूसी हमले जारी हैं. पिछले सप्ताह खार्किव में मिसाइल अटैक में कई लोगों की मौत हुई. एक्सपर्ट्स का मानना है कि राफेल आने के बाद रूस को हवा में कड़ी चुनौती मिलेगी—लेकिन ये असर 3–5 साल बाद ही दिखेगा क्योंकि पहले ट्रेनिंग, डिलीवरी और इंटीग्रेशन होगा.
शॉर्ट टर्म में SAMP/T एयर डिफेंस और ड्रोन को-प्रोडक्शन काम आएगा.
लॉन्ग टर्म में राफेल रूस के लिए बड़ा डिटरेंस बन जाएगा.

क्या यह युद्ध का टर्निंग पॉइंट हो सकता है?

संभव है…

क्योंकि पहली बार यूक्रेन को इतने बड़े स्केल पर हाई-टेक वेस्टर्न एयर पावर मिल रही है. लेकिन यह तुरंत असर नहीं दिखाएगी. यह लॉन्ग-टर्म सिक्योरिटी अपग्रेड है, जो समय के साथ रूस के लिए रणनीतिक चुनौती बन सकता है.
फिलहाल दुनिया की नजर इस पर है कि रूस कब और कैसे रिएक्ट करता है—
और क्या ये डील यूक्रेन-रूस युद्ध की दिशा बदल देगी.
आने वाला समय इसका जवाब देगा.

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #BreakingNews, #france, #indianpresshouse, #RafelDeal, #RussiaUkraineConflict, #RussiaUkraineWar, #Trending, #UkaraineWar, #Viral
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article नागिन 7 का फैंस को शिद्दत से इंतज़ार नागिन 7 का फैंस को शिद्दत से इंतज़ार ! बावजूद इसके आखिर क्यों डिले हुआ एकता कपूर का बड़ा शो ?
Next Article बिहार में नई सरकार का कैसा होगा स्वरूप? नीतीश के साथ महिला डिप्टी CM बनने की चर्चा तेज

फीचर

View More

प्राचीन मिस्र से वर्ल्ड वॉर तक… आखिर महिलाओं में शेविंग का चलन कैसे बना? जानिए दिलचस्प इतिहास

नई दिल्ली: आज के दौर में वैक्सिंग और शेविंग महिलाओं की नियमित ग्रूमिंग का अहम हिस्सा मानी जाती है। हाथ,…

By vineet verma 5 Min Read

क्या सच में कभी सैलरी के बदले मिलता था ‘नमक’? जानिए आपकी तनख्वाह से जुड़ा वह दिलचस्प इतिहास, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं

नई दिल्ली: हर महीने नौकरीपेशा लोगों को जिस सैलरी का इंतजार रहता…

4 Min Read

Birthday Special: टीम इंडिया का वो कप्तान जिसने विदेश में लड़ना सिखाया! “दादा” की जिद ने बदले भारतीय क्रिकेट के दिन

Highlights भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी बदलाव और निडरता की बात…

12 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Latest Newsउत्तर प्रदेशराज्य

पुल निर्माण में लेत-लतीफी और लीपापोती से जनता बेहाल, सपा नेता अवनीश यादव ने नदी में उतरकर किया ‘जल सत्याग्रह’

रुद्रपुर-देवरिया। देवरिया और रुद्रपुर को जोड़ने वाली बांकी और जोड़ौरा बाजार के बीच निर्माणाधीन पुल की सुस्त रफ्तार और भ्रष्टाचार…

3 Min Read
Latest News

राम मंदिर का ‘कॉर्पोरेट’ मेकओवर: चढ़ावा विवाद के बीच पहली बार होगी CEO की भर्ती, जानिए क्या हैं शर्तें

अयोध्या। हाल ही में अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामलों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इस…

4 Min Read
Latest Newsअन्य

UP PCS अधिकारी बनने के बाद कहां होती है ट्रेनिंग? कितनी मिलती है सैलरी और IAS से कितना अलग है पूरा सिस्टम

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों का सफर खत्म नहीं होता,…

4 Min Read
Latest Newsधर्म

चाणक्य की चेतावनी! इन स्थानों से निकलते वक्त पीछे मुड़कर देखना पड़ सकता है भारी, सुख-समृद्धि पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी जीवन प्रबंधन, सफलता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। चाणक्य…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?